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धनबाद: 20 लाख रुपये मुआवजा व आश्रित को नौकरी, धनबाद BCCL हादसे में मरने वालों के लिए सहायता राशि का ऐलान, बैठक के बाद….

Dhanbad: 20 lakh rupees compensation and a job for the dependent, relief amount announced for those who died in the Dhanbad BCCL accident, after the meeting....

धनबाद । धनबाद के मुनिडीह BCCL कोल वाशरी में शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद रविवार को पीड़ित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की गयी। बीसीसीएल के जीएम ने बताया कि देर रात जिला प्रशासन की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में बीसीसीएल प्रबंधन के साथ पीड़ित परिवार, कंपनी और श्रमिक संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे। मुआवजे के प्रारूप पर सहमति बनी। शनिवार को हुए हादसे में मृतकों की पहचान मानिक बौरी, दिनेश बौरी, दीपक बौरी और हेमलाल गोप के रूप में हुई है, जो उस समय वहां कार्यरत थे।

20 लाख का मुआवजा व नौकरी

समझौते के मुताबिक मृतक के परिवार को 20 लाख का मुआवजा दो किस्तों में दिया जाएगा। इसमे से 10 लाख रुपये बीसीसीएल द्वारा और 10 लाख रुपये निजी डिलीवरी ऑर्डर धारक कंपनी की तरफ से दी जायेगी। द्वारा दिए जाएंगे, जिसके पास कोयले के घोल को साफ करने की जिम्मेदारी थी। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार के एक आश्रित को आउटसोर्स एजेंसी में नौकरी प्रदान की जाएगी और अंतिम संस्कार के खर्च के लिए तत्काल 75,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने पर भी सहमति बनी है।

बीसीसीएल ने जांच के दिये आदेश

इधर घटना को लेकर बीसीसीएल ने जांच के आदेश दिये हैं। चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया गया है। यह समिति न केवल दुर्घटना के तकनीकी कारणों की जांच करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का सुझाव भी देगी।

आपको बता दें कि शनिवार शाम को मूनिडीह कोयला वाशरी में काम के दौरान अचानक कोयले के घोल (Slurry) के नीचे दबने से कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई थी। पुटकी पुलिस थाना प्रभारी वकार हुसैन के नेतृत्व में चले बचाव अभियान के बाद मलबे से चारों मजदूरों के शव बरामद किए गए थे।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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