झारखंड-नीट परीक्षा के दौरान जमकर बवाल, प्रश्न पत्र पड़ गये कम, देर शाम शुरू करायी गयी परीक्षा, डीसी-एसपी ने खुद संभाली कमान…
Jharkhand: Chaos erupts during NEET exam; question papers fall short, exam begins late in the evening; DC-SP take charge...

मेदिनीनगर के एक परीक्षा केंद्र पर नीट-यूजी परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की कमी के कारण हंगामा हुआ। हालांकि अब खबर आयी है कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद प्रभावित 48 छात्रों की परीक्षा देर शाम शुरू कराई गई। मामले की जांच के संकेत दिए गए हैं।
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पलामू। मेदिनीनगर स्थित Yodh Singh Namdhari Mahila Mahavidyalaya परीक्षा केंद्र पर आयोजित NEET UG परीक्षा के दौरान खूब बवाल मचा। प्रश्नपत्र की कमी के कारण कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और प्रभावित छात्रों की परीक्षा देर शाम शुरू कराई गई।जानकारी के अनुसार, इस केंद्र पर कुल 360 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे, जिनमें से कक्ष संख्या 11 में बैठे 48 छात्रों को निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
लगभग डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद छात्रों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने केंद्र पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के कारण उनका एक साल का परिश्रम दांव पर लग गया।स्थिति तब और बिगड़ गई जब हंगामे के दौरान धक्का-मुक्की और तनाव की खबरें सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए तत्काल भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मौके पर District Collector और Superintendent of Police सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।अधिकारियों ने छात्रों और उनके अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी छात्र के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद विशेष व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र मंगवाए गए और सभी 48 छात्रों की परीक्षा शाम 6:55 बजे शुरू कराई गई, जो रात 9:55 बजे तक जारी रही।
इस पूरे घटनाक्रम पर Sulochana Meena ने बताया कि हिंदी माध्यम के प्रश्नपत्र पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थे। रूम नंबर 11 में सभी परीक्षार्थी हिंदी माध्यम के थे, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त प्रश्नपत्र मंगवाकर परीक्षा शुरू कराई गई और सभी छात्रों के लिए जलपान एवं घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
हालांकि, इस घटना ने National Testing Agency की तैयारियों और स्थानीय स्तर पर परीक्षा प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं और यह पता लगाने की बात कही है कि इतनी बड़ी चूक आखिर किस स्तर पर हुई।







