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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : “डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अनुपस्थित अभ्यर्थी की उम्मीदवारी रद्द का फैसला सही” JSSC अभ्यर्थी की अपील खारिज, कोर्ट ने कहा…

Jharkhand High Court's big decision: "The decision to cancel the candidature of a candidate who was absent during document verification is correct." JSSC candidate's appeal rejected, the court said...

झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी द्वारा लैब असिस्टेंट भर्ती में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अनुपस्थित रहने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया के नियमों का पालन अनिवार्य है और इसमें लापरवाही करने पर राहत नहीं दी जा सकती।
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रांची4.5.26। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लैब असिस्टेंट पद की नियुक्ति प्रक्रिया में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थी की अपील को खारिज कर दिया और आयोग के निर्णय को सही ठहराया।

जानिये क्या था मामला

मामला वर्ष 2023 में निकाले गए लैब असिस्टेंट भर्ती विज्ञापन (संख्या 1/2023) से जुड़ा है। अभ्यर्थी सुभाष कुमार दास ने अपनी उम्मीदवारी रद्द किए जाने के खिलाफ लेटर पेटेंट अपील (LPA) दायर की थी।उनका कहना था कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अनुपस्थित रहने के कारण उनकी उम्मीदवारी रद्द करना अनुचित है और उन्हें एक और अवसर दिया जाना चाहिए।

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कोर्ट ने क्या कहा

सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें एमएम सोनक और राजेश शंकर शामिल थे, ने एकल पीठ के पहले के आदेश को बरकरार रखा।अदालत ने कहा कि JSSC ने सभी अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए स्पष्ट रूप से दो तिथियां—13 सितंबर 2024 और 18 सितंबर 2024—निर्धारित कर सूचना दी थी। इसके बावजूद याचिकाकर्ता दोनों ही तिथियों पर उपस्थित नहीं हुआ।

अभ्यर्थी का पक्ष और कोर्ट की टिप्पणी

दरअसल अभ्यर्थी ने 13 सितंबर को अनुपस्थित रहने का जेएसएससी को कारण अपनी बहन की तबीयत खराब होना बताया था, जिसकी सूचना उसने बाद में 19 सितंबर को आयोग को दी। हालांकि, 18 सितंबर को भी अनुपस्थित रहने के संबंध में उसने कोई ठोस कारण या सूचना प्रस्तुत नहीं की।कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आयोग ने स्पष्ट रूप से दो अवसर दिए थे, तब भी अनुपस्थित रहना नियमों का उल्लंघन है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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आयोग का निर्णय सही

अदालत ने कहा कि JSSC का नोटिस स्पष्ट था कि यदि कोई अभ्यर्थी दोनों निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। ऐसे में आयोग द्वारा लिया गया निर्णय नियमों के अनुरूप और न्यायसंगत है।इस आधार पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए अपील को खारिज कर दिया।

भर्ती प्रक्रिया का विवरण

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अधियाचना पर राज्य के स्कूलों में लैब असिस्टेंट के लगभग 700 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया गया, जिसमें अनुपस्थित रहने वालों की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई।

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फैसला क्यों है महत्वपूर्ण

यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए एक अहम संदेश है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और समयसीमा का पालन करना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी करने पर न्यायालय से राहत की उम्मीद नहीं की जा सकती।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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