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झारखंड शिक्षक न्यूज: सहायक आचार्यों की नियुक्ति तो कर ली, पर अब तक नहीं मिला वेतन, महीनों से हो रहा वेतन का इंतजार, विभाग ने दी ये दलील….

Jharkhand Teacher News: Assistant teachers have been appointed, but they have not received their salaries yet. They have been waiting for their salaries for months. The department gave this reason...

झारखंड में सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक ओर शिक्षकों का संगठन 9 महीने से वेतन न मिलने का दावा कर रहा है, वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा है कि मामला प्रक्रियाधीन है और जल्द ही भुगतान शुरू होगा।
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रांची/6.5.26। झारखंड में सहायक आचार्यों की नियुक्ति तो हो गयी, लेकिन उनके वेतन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शिक्षक संघ से इसे विभाग की लापरवाही बता रहा है, तो वहीं विभाग का दावा है कि ये प्रक्रिया का हिस्सा है, सर्टिफिकेट वैरिफिकेशन के बाद वेतन की व्यवस्था सुचारू हो जायेगी। इससे पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षणिक संघ के सचिव मैनेजर सिंह ने दावा किया है कि राज्य के लगभग 11 हजार सहायक आचार्यों को पिछले 9 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

इस मामले मैनेजर सिंह का कहना है कि कई सहायक आचार्यों ने वेतन जारी कराने के लिए बैंक से डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) बनाकर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में जमा भी किए हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमा किए गए डीडी भी अब शिक्षकों को वापस लौटाए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर संगठन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के सचिव को भी आवेदन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

इस मामले में संगठन का कहना है कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण सहायक आचार्य आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कई परिवारों की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

वहीं जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि 9 महीने से वेतन न मिलने की बात पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है। उनके अनुसार, रांची जिले में वर्तमान में 666 सहायक आचार्य कार्यरत हैं और उनकी नियुक्ति एवं पोस्टिंग वर्ष 2025 में हुई है।
उन्होंने बताया कि नियुक्ति के बाद वेतन प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर सत्यापन के लिए भेजी गई है। साथ ही, शिक्षकों का जीपीएस (General Provident System) नंबर अभी जनरेट नहीं हुआ है, जिसके कारण भविष्य निधि पोर्टल पर उनकी एंट्री प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। इसी वजह से वेतन भुगतान में विलंब हो रहा है।

जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि इस संबंध में संबंधित विभागों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जैसे ही सभी दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो जाएगा और जीपीएस नंबर जनरेट हो जाएगा, वेतन भुगतान की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिसंबर में नियुक्ति पत्र और पोस्टिंग जारी होने के बाद से यह मामला तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण लंबित है, न कि किसी वित्तीय अनियमितता के कारण।इस पूरे मामले में एक ओर जहां शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर इसे तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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