झारखंड: धोनी ने फिर कर दिया कमाल, बिहार-झारखंड के नंबर वन टैक्स पेयर बने, प्रेस कांफ्रेंस में इनकम टैक्स विभाग ने….
Jharkhand: Dhoni has once again done wonders, becoming the number one taxpayer in Bihar and Jharkhand, the Income Tax Department announced in a press conference....

महेंद्र सिंह धोनी झारखंड-बिहार के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले बन गये हैं। झारखंड और बिहार में आयकर संग्रह को लेकर बड़ा आंकड़ा सामने आया है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डी. सुधाकर राव ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 20 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले झारखंड से 12 हजार करोड़ और बिहार से 8 हजार करोड़ रुपये का टैक्स प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दोनों राज्यों में सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता हैं।
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रांची। झारखंड-बिहार इनकम टैक्स को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। झारखंड और बिहार के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान दोनों राज्यों से कुल मिलाकर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का आयकर संग्रह हुआ। इनमें झारखंड का योगदान सबसे अधिक रहा।
उन्होंने जानकारी दी कि निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले झारखंड से करीब 12 हजार करोड़ रुपये का टैक्स प्राप्त हुआ, जबकि बिहार से लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इस तरह टैक्स संग्रह के मामले में झारखंड ने बिहार को पीछे छोड़ दिया। इस दौरान सबसे अधिक चर्चा उस वक्त हुई जब प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी झारखंड और बिहार क्षेत्र के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता हैं।
हालांकि उन्होंने धोनी द्वारा चुकाए गए टैक्स की सटीक राशि का खुलासा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत करदाताओं की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में टैक्स चोरी के मामलों में विभाग ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। आयकर विभाग ने 12 बड़े व्यवसायिक समूहों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया।
इन कार्रवाइयों में 150 से अधिक अलग-अलग कारोबारी और व्यापारी शामिल थे। विभाग के अनुसार जांच के दौरान कई वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स चोरी से जुड़े मामलों का पता चला।
हालांकि जब पत्रकारों ने इन कारोबारी समूहों और व्यक्तियों के नाम पूछे, तो अधिकारियों ने जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जांच प्रक्रिया और गोपनीयता नियमों के कारण ऐसे मामलों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने यह भी बताया कि टैक्स चोरी और कर अदायगी में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में झारखंड और बिहार में कुल मिलाकर 90 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी टैक्स चोरी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
आयकर विभाग ने लोगों से समय पर रिटर्न दाखिल करने और टैक्स नियमों का पालन करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि टैक्स से ही सरकार को विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं के लिए संसाधन मिलते हैं।







