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पारा शिक्षक अब बनेंगे सहायक आचार्य : सुप्रीम कोर्ट से फैसले के बाद रास्ता हुआ साफ, चार सप्ताह में शुरू हो जायेगी प्रक्रिया….

Para teachers will now become assistant professors: The path is clear after the Supreme Court's decision, the process will begin in four weeks.

पारा शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से आयी खबर ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति में 50 प्रतिशत पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में पदों की गणना पूरी करने और अगले दस सप्ताह में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं। फैसले के बाद हजारों पारा शिक्षकों के सहायक आचार्य बनने का रास्ता साफ हो गया है।
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Para Teacher News : पारा शिक्षकों का सहायक आचार्य बनने का रास्ता साफ हो गया है। Supreme Court of India ने झारखंड के हजारों पारा शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सहायक आचार्य नियुक्ति में पारा शिक्षकों को 50 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति दी जाए। इस फैसले के बाद राज्य के करीब 40 हजार पारा शिक्षकों के लिए स्थायी शिक्षक बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

इस आदेश को झारखंड के शिक्षा क्षेत्र और लंबे समय से आंदोलन कर रहे पारा शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। वर्षों से नियमितीकरण और स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे पारा शिक्षकों को अब न्यायिक स्तर पर बड़ी सफलता मिली है।अदालत ने अपने आदेश में राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सहायक आचार्य नियुक्ति के लिए रिक्त पदों की गणना चार सप्ताह के भीतर पूरी की जाए।

इसके साथ ही अगले दस सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा गया है। कोर्ट के इस सख्त निर्देश के बाद शिक्षा विभाग पर अब जल्द प्रक्रिया पूरी करने का दबाव बढ़ गया है।सुनवाई के दौरान पारा शिक्षकों की ओर से अदालत को बताया गया कि झारखंड में शिक्षकों की भारी कमी है। राज्य में लगभग डेढ़ लाख सहायक आचार्यों की आवश्यकता है।

जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में करीब 83 हजार पदों की जरूरत है, जबकि उच्च प्राथमिक कक्षाओं में लगभग 37 हजार स्वीकृत पद रिक्त बताए गए हैं। ऐसे में लंबे समय से कार्यरत पारा शिक्षकों को अवसर देने की मांग की गई थी।मामले की सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि पारा शिक्षक वर्षों से कम मानदेय में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बावजूद इसके उन्हें स्थायी नियुक्ति और नियमित वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 29 अप्रैल को राज्य सरकार के मंत्रियों Sudivya Kumar और Irfan Ansari की मौजूदगी में पारा शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में विभागीय सचिव ने पारा शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप सहायक आचार्य नियुक्ति में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि विभागीय स्तर पर आयोजित परीक्षा के माध्यम से भी पारा शिक्षकों को सहायक आचार्य पद पर नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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