झारखंड हाईकोर्ट ने रिटायर शिक्षकों के पक्ष में सुनाया बड़ा फैसला, ज्वाइनिंग डेट से मिलेगा ये लाभ, सरकार को 6 सप्ताह का दिया समय
Jharkhand High Court issues major ruling in favor of retired teachers, grants them benefits from joining date, grants government 6 weeks' time

हाईकोर्ट ने रिटायर प्राथमिक शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का आदेश दिया है।
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रांची। रिटायर प्राथमिक शिक्षकों के लिए हाईकोर्ट से अच्छी खबर आयी है। झारखंड हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों के हित में एक अहम फैसला सुनाया है। पाकुड़ और गोड्डा जिले के शिक्षकों को ग्रेड-वन का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रार्थियों को उनकी नियुक्ति तिथि से ही ग्रेड-वन का लाभ प्रदान किया जाए।
हाईकोर्ट ने इस आदेश के लिए छह सप्ताह की समयसीमा भी तय की है। यह मामला न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में सुना गया। याचिका भीम सिंह एवं अन्य सेवानिवृत्त शिक्षकों की ओर से दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओं की तरफ से कहा गया कि राज्य सरकार ने 18 जुलाई 2019 को एक संकल्प जारी किया था, जिसमें वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का प्रावधान किया गया था।
हालांकि, इस संकल्प में सेवानिवृत्त शिक्षकों को इस लाभ से वंचित रखा गया, जो कि भेदभावपूर्ण है।अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि इसी मुद्दे से संबंधित एक अन्य मामले में हाईकोर्ट पहले ही सरकार के संकल्प की संबंधित कंडिका को निरस्त कर चुका है। उस आदेश में कोर्ट ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ देने का निर्देश दिया था।
राज्य सरकार ने उस फैसले को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन दोनों ही स्तरों पर सरकार को राहत नहीं मिली। याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि उन्हें समय पर आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी थी। प्रशिक्षण नहीं मिलने के कारण वे नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन लाभ से वंचित रह गए।
बाद में शिक्षकों ने स्वयं प्रयास कर प्रशिक्षण प्राप्त किया, ऐसे में इस देरी का खामियाजा शिक्षकों पर नहीं डाला जा सकता।सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर पूर्व में पारित आदेश पहले से ही लागू है और वही सिद्धांत इस मामले में भी लागू होगा।
कोर्ट ने कहा कि समान परिस्थितियों में सभी शिक्षकों को समान लाभ मिलना चाहिए। इस आधार पर अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थियों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-वन का लाभ दिया जाए और इस आदेश का अनुपालन छह सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।








