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Cockroach Janata Party Viral: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सोशल मीडिया पर मचाया तूफान, BJP-कांग्रेस को फॉलोअर्स में छोड़ा पीछे, X अकाउंट भारत में ब्लॉक, जानिये क्या है पूरा बवाल

Cockroach Janata Party Viral: The 'Cockroach Janata Party' has created a storm on social media, surpassing the BJP and Congress in followers, with X accounts blocked in India. Find out what the whole fuss is about.

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का X अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इंस्टाग्राम पर इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक प्लेटफॉर्म के फॉलोअर्स 1.4 करोड़ के पार पहुंच चुके हैं। बेरोजगारी, पेपर लीक, फ्री स्पीच और सिस्टम की जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच यह प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हुआ है। अब यह देश की सबसे चर्चित डिजिटल राजनीतिक ट्रेंड्स में शामिल हो गया है।

“कॉकरोच जनता पार्टी” (Cockroach Janata Party – CJP) अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा डिजिटल ट्रेंड बन चुकी है। अब इस संगठन का X (पूर्व में Twitter) अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है।

जानिये किसने बनाया था कॉकरोज जनता पार्टी

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, “जैसा कि उम्मीद थी, कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है।” उन्होंने दावा किया कि 16 मई को शुरू हुए इस अकाउंट ने महज चार दिनों में दो लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हासिल कर लिए थे, जिसके बाद इसे ब्लॉक कर दिया गया।

हालांकि X पर कार्रवाई के बावजूद इंस्टाग्राम पर इस प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। गुरुवार तक इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 14 मिलियन यानी 1.4 करोड़ के पार पहुंच गए। खास बात यह है कि फॉलोअर्स के मामले में इसने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दलों को भी पीछे छोड़ दिया है। इंस्टाग्राम पर भाजपा के लगभग 8.7 मिलियन और कांग्रेस के करीब 13.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि CJP उनसे आगे निकल चुकी है।

कैसे शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड?

दरअसल यह पूरा विवाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों को लेकर “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा फर्जी डिग्री वालों की तरफ था और उन्हें युवाओं पर गर्व है। लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह शब्द वायरल हो चुका था।

इसी के बाद 16 मई 2026 को “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन शुरू हुआ। देखते ही देखते यह युवाओं, खासकर Gen-Z के बीच लोकप्रिय हो गया। बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, फ्री स्पीच और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर लाखों लोग इससे जुड़ने लगे।

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का मकसद?

भले ही यह एक व्यंग्य प्लेटफॉर्म के रूप में शुरू हुआ हो, लेकिन इसके पोस्ट और कैंपेन गंभीर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित हैं। CJP खुद को “बेरोजगार और उपेक्षित युवाओं की आवाज” बताती है।

प्लेटफॉर्म ने अपने मुख्य उद्देश्यों में राजनीति को हिंदू-मुस्लिम जैसे ध्रुवीकरण वाले मुद्दों से हटाकर रोजगार, शिक्षा, AI, उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषयों पर केंद्रित करने की बात कही है। इसके अलावा यह NEET पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठा रही है।

वायरल हुआ 5-सूत्रीय घोषणापत्र

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपना “5-पॉइंट मैनिफेस्टो” भी जारी किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। इसमें न्यायपालिका की स्वतंत्रता, चुनाव सुधार, महिलाओं को 50% आरक्षण, दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल की रोक और मीडिया एकाधिकार खत्म करने जैसी मांगें शामिल हैं।यही वजह है कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ मीम पेज या व्यंग्य अकाउंट बनकर नहीं रह गया, बल्कि युवाओं के असंतोष और डिजिटल विरोध का बड़ा प्रतीक बन गया है।

नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने

इस पूरे मुद्दे पर कई विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। महुआ मोइत्रा, मनीष सिसोदिया और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को लेकर पोस्ट किए हैं। वहीं दूसरी ओर समर्थक और विरोधी दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

इंस्टाग्राम हैंडल हैक करने की कोशिश का दावा

संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद अब इंस्टाग्राम हैंडल को हैक करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से नए X हैंडल को फॉलो करने की अपील भी की है।फिलहाल “Cockroach Janata Party” भारत में सबसे तेजी से वायरल हो रहे सोशल मीडिया ट्रेंड्स में शामिल हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह सिर्फ एक डिजिटल व्यंग्य रहेगा या किसी बड़े सामाजिक-राजनीतिक अभियान का रूप लेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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