झारखंड : प्रशासनिक सेवा के तीन अफसर आरोपमुक्त, एक अधिकारी की दो वेतनवृद्धि पर लगी रोक, अधिसूचना जारी

रांची। आरोपों में घिरे झारखंड सरकार के तीन अफसरों को आरोप मुक्त कर दिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों को विभिन्न मामलों में आरोपमुक्त करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं, एक अन्य अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने पर दो वेतनवृद्धियों पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है।
बीडीओ हुए आरोपमुक्त
सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, गढ़वा जिले के विशुनपुरा प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अशोक कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपमुक्त कर दिया गया है। उनके खिलाफ 10 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप था। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत में आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सका, जिसके बाद विभाग ने उन्हें दोषमुक्त मानते हुए कार्रवाई समाप्त कर दी।
रामगढ़ के तत्कालीन बीडीओ को भी राहत
वहीं रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी पवन कुमार महतो पर सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य सामग्रियों की खरीद में अनियमितता बरतने का आरोप था। विभागीय जांच संचालन अधिकारी की रिपोर्ट तथा पंचायती राज विभाग के मंतव्य के आधार पर उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए। इसके बाद कार्मिक विभाग ने उन्हें भी आरोपमुक्त कर दिया।
खूंटी के तत्कालीन बीडीओ भी आरोपों से बरी
एक अन्य मामले में खूंटी जिले के अड़की प्रखंड की तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी मेरी मड़की पर मिट्टी-मोरम सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया था। विभागीय जांच पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि नहीं होने के कारण सरकार ने उन्हें भी आरोपों से मुक्त कर दिया है।
शिकारीपाड़ा सीओ के दो इंक्रीमेंट पर रोक
वहीं, दुमका जिले के शिकारीपाड़ा अंचल की तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) अमृता कुमारी के मामले में विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि बालू के अवैध परिवहन के मामले में जब्त किए गए 58 ट्रकों में से 42 ट्रक गायब हो गए थे, लेकिन इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को समय पर नहीं दी गई। विभागीय जांच में इसे गंभीर लापरवाही माना गया।
आरोप सिद्ध होने के बाद कार्मिक विभाग ने अमृता कुमारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियों पर रोक लगाने का दंड दिया है। इस संबंध में भी विभाग द्वारा अलग से अधिसूचना जारी कर दी गई है।








