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एक और ‘सोनम’ कांड! प्रेमी के लिए मंगेतर की बलि, शादी के लिए 17 करोड़ का पैलेस, 2 चार्टर प्लेन फिर भी केतन की कर दी हत्या

प्री-वेडिंग शूट से पहले रची मौत की साजिश! मंगेतर का पासपोर्ट गायब कराया, फिर प्रेमी संग मिलकर किले से धक्का देकर मार डाला,पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या निकली। पुलिस जांच में मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की साजिश का खुलासा हुआ।

Ketan Agrwal Murder Case : मध्यप्रदेश की सोनम रघुवंशी का कांड अभी ठीक से लोग भूले भी नहीं थे, कि केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे देश को हिला दिया है। ये सिर्फ एक कत्ल की कहानी नहीं, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वासघात की ऐसी कहानी है, जो पूरे समाज को सोचने पर विवश कर देगा। इस बार रिश्ते को कलंकित करने की ये कहानी महाराष्ट्र के पुणे जिले की है। जहां प्री वेडिंग डेस्टिनेशन दिखाने के बहाने केतन अग्रवाल को उसकी मंगेतर ले गयी और फिर अपने प्रेमी के साथ उसकी हत्या कर दी।

केतन अग्रवाल हत्याकांड इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पहली नजर में यह एक दर्दनाक हादसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने जो सच उजागर किया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को उसकी मंगेतर सिया गोयल ने पहाड़ी से फिसलकर गिरने का हादसा बताया था, लेकिन कुछ ही दिनों में यह मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश में बदल गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।

फरवरी में हुई सगाई, नवंबर में होनी थी नई जिंदगी की शुरुआत

बताया जा रहा है कि केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी। दोनों परिवार पुणे के मार्केट यार्ड क्षेत्र के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों से जुड़े बताए जाते हैं।शादी की तैयारियां चल रही थीं। प्री-वेडिंग शूट और विदेश यात्रा की योजनाएं बन रही थीं। बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर एक अलग कहानी चल रही थी।पुलिस के मुताबिक सिया गोयल का पिछले लगभग एक साल से चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और लगातार संपर्क में थे।

शादी के लिए 17 करोड़ का पैलेस बुक, दो चार्टर प्लेन

केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ गुरुवार, 18 जून को उसका जन्मदिन मनाने के लिए लोहागढ़ ट्रेकिंग पर गए थे। उन्होंने उसके साथ भविष्य की योजना बनाई थी और दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी।केतन महाराष्ट्र में पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ के जाने-माने कंस्ट्रक्शन बिजनेसमैन विशाल अग्रवाल के बेटे थे। उनकी शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में होने वाली थी। सूत्रों के मुताबिक, परिवारों ने जयपुर में 17 करोड़ रुपए में एक महल बुक किया था और मेहमानों के लाने ले जाने के लिए दो प्राइवेट प्लेन का इंतजाम किया था। तैयारियां जोरों पर थीं। एक रिश्तेदार ने कहा कि परिवार खुश थे। इस घटना ने दोनों परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है।

बाली ट्रिप से शुरू हुई साजिश की परतें

पुलिस की जांच में सामने आया कि जून के पहले सप्ताह में केतन और सिया का बाली (इंडोनेशिया) जाने का कार्यक्रम था। दोनों प्री-वेडिंग शूट के लिए विदेश जाने वाले थे।वे पुणे से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां पता चला कि केतन का पासपोर्ट गायब है। पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण पूरी यात्रा रद्द हो गई और दोनों को वापस लौटना पड़ा।पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि केतन का पासपोर्ट कथित रूप से सिया ने ही गायब किया था, ताकि विदेश यात्रा न हो सके और आगे की साजिश को अंजाम दिया जा सके।

पहली कोशिश नाकाम, फिर रची गई अंतिम योजना

पुलिस के अनुसार, मुंबई से लौटने के बाद केतन और सिया एक बार लोहागढ़ किले भी गए थे। माना जा रहा है कि उसी दौरान हत्या की योजना को अमल में लाने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी कारणवश घटना नहीं हो सकी।इसके बाद 18 जून 2026 को दोबारा योजना बनाई गई।इस बार चेतन चौधरी भी पहले से लोहागढ़ पहुंच गया था।

18 जून: जब ‘हादसे’ की कहानी गढ़ी गई

18 जून की सुबह केतन और सिया लोनावला के पास स्थित प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर पहुंचे।करीब 10:30 से 11 बजे के बीच सिया ने परिजनों और पुलिस को फोन कर बताया कि केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया है।सूचना मिलते ही पुलिस, सुरक्षा गार्ड और परिजन मौके पर पहुंचे। केतन की मौत हो चुकी थी।शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना गया और आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस को क्यों हुआ शक?

जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिन्होंने पुलिस को हादसे की कहानी पर संदेह करने के लिए मजबूर कर दिया।सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था। वह नियमित रूप से ट्रेकिंग करता था और पहाड़ी इलाकों में जाने का अनुभव रखता था।पुलिस अधिकारियों को यह बात असामान्य लगी कि इतना अनुभवी युवक अचानक संतुलन खोकर गिर जाए। उधर, केतन के परिवार ने भी घटना पर संदेह जताते हुए विस्तृत जांच की मांग कर दी।

मोबाइल कॉल डिटेल और सोशल मीडिया ने खोल दिया राज

इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि सिया और चेतन चौधरी लगातार संपर्क में थे।लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों से यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के समय चेतन चौधरी भी लोहागढ़ क्षेत्र में मौजूद था।इसके बाद पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की और कथित तौर पर दोनों के बयान तथा तकनीकी साक्ष्य एक-दूसरे से मेल खाने लगे।

कैसे हुई हत्या?

पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने मिलकर पहले से हत्या की योजना बनाई थी।18 जून को चेतन पहले से किले पर पहुंचा हुआ था। बाद में केतन और सिया वहां पहुंचे।जांच में सामने आया कि उचित मौका मिलते ही केतन को पहाड़ी से धक्का दे दिया गया, जिससे वह गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद पूरी घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।

हत्या का मामला दर्ज, दोनों गिरफ्तार

लोनावला ग्रामीण पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं। मामले की जांच अभी जारी है।

पिता का दर्द: “शादी नहीं करनी थी तो मना कर देती”

केतन अग्रवाल के पिता का दर्द पूरे मामले में सबसे ज्यादा झकझोरने वाला है।उन्होंने कहा—
“अगर उसे शादी नहीं करनी थी तो सिर्फ मना कर देती। हम उसी समय शादी रद्द कर देते। किसी की जान लेने की जरूरत क्या थी?”उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनके बेटे की हत्या नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों की भी हत्या है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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