Acidity Relief Yoga: एसिडिटी और सीने की जलन से परेशान हैं? बस करें ये काम, दवाई से हमेशा मिल जायेगा हमेशा के लिए छुटकारा
एसिडिटी, गैस और सीने की जलन से परेशान हैं? जानिए 4 ऐसे योगासन जो पाचन को बेहतर बनाने और एसिडिटी की समस्या कम करने में मदद कर सकते हैं।

Yoga for Acidity : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खान-पान, जंक फूड और बढ़ते तनाव के कारण एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या बेहद आम हो गई है। आंकड़े बताते हैं कि देश में 30 फीसदी लोग किसी ना किसी तरह से पेट की बीमारी से पीड़ित है। पेट की बीमारी से सबसे ज्यादा परेशानी लोगों को गैस व कब्ज से होती है। कई लोग तुरंत राहत पाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन दवाएं अक्सर अस्थायी आराम ही देती हैं।
ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी विकल्प हो सकता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और एसिडिटी की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।हालांकि, यदि आपको लंबे समय से एसिडिटी, गैस्ट्रिक अल्सर, GERD (एसिड रिफ्लक्स रोग) या कोई अन्य गंभीर समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
1. वज्रासन: पाचन सुधारने वाला आसान योगासन
वज्रासन को पाचन के लिए सबसे लाभकारी योगासनों में माना जाता है। यह भोजन के बाद भी किया जा सकता है।
कैसे करें?
• घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं।
• एड़ियों पर अपने कूल्हों को टिकाएं।
• दोनों हाथ घुटनों पर रखें।
• रीढ़ सीधी रखें और सामान्य रूप से सांस लें।
फायदे
• पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है।
• गैस और अपच की समस्या कम कर सकता है।
• भोजन के बाद भारीपन की भावना को कम करने में सहायक हो सकता है।
2. पवनमुक्तासन: गैस और कब्ज से राहत के लिए
पवनमुक्तासन पेट में जमा गैस को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मददगार माना जाता है।
कैसे करें?
• पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
• दोनों घुटनों को मोड़कर छाती की ओर लाएं।
• हाथों से घुटनों को पकड़ लें।
• सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटनों के करीब लाने की कोशिश करें।
फायदे
• गैस और पेट फूलने की समस्या में राहत दे सकता है।
• कब्ज कम करने में मददगार हो सकता है।
• पाचन क्रिया को सक्रिय करता है।
3. उष्ट्रासन: छाती और पेट को देता है स्ट्रेच
उष्ट्रासन शरीर के आगे वाले हिस्से को खोलने वाला योगासन है, जिससे छाती और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता है।
कैसे करें?
• घुटनों के बल खड़े हो जाएं।
• धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकें।
• दोनों हाथों से एड़ियों को पकड़ें।
• गर्दन को आराम से पीछे छोड़ दें।
फायदे
• छाती और पेट के हिस्से में खिंचाव पैदा करता है।
• पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।
• तनाव कम करने में भी सहायक माना जाता है।
नोट: कमर, गर्दन या पीठ की समस्या वाले लोग विशेषज्ञ की देखरेख में ही यह आसन करें।
4. मार्जरीआसन (कैट-काउ पोज): पाचन तंत्र को सक्रिय करने वाला आसन
मार्जरीआसन रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने के साथ-साथ पेट के अंगों को हल्का मसाज देता है।
कैसे करें?
• हाथों और घुटनों के बल आ जाएं।
• सांस लेते हुए रीढ़ को नीचे झुकाएं और सिर ऊपर उठाएं।
• सांस छोड़ते हुए रीढ़ को गोल करें और ठुड्डी को छाती से लगाएं।
• इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं।
फायदे
• पेट के अंगों को सक्रिय करता है।
• पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है।
• तनाव कम करने में सहायक हो सकता है।
एसिडिटी से बचने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
• भोजन समय पर करें।
• बहुत अधिक मसालेदार और तला-भुना भोजन कम खाएं।
• खाने के तुरंत बाद न लेटें।
• पर्याप्त पानी पिएं।
• तनाव कम करने के लिए नियमित व्यायाम और योग करें।
• धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन से बचें।









