ACB Trap-दो घूसखोर पुलिसकर्मी अरेस्ट: 60 हजार लेकर भी मन नहीं भरा, 10 हजार और घूस मांग रहे थे दारोगा जी, रिश्वत लेते चौकी प्रभारी व सिपाही गिरफ्तार
झांसी में एंटी करप्शन टीम ने चौकी प्रभारी और सिपाही को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों पहले ही मुकदमे से नाम हटाने के बदले 60 हजार रुपये वसूल चुके थे।

ACB Raid । एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शहर कोतवाली क्षेत्र की बड़ागांव गेट चौकी के प्रभारी और एक सिपाही को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले का ये मामला है। दोनों पुलिसकर्मियों पर मारपीट के एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले पहले ही 60 हजार रुपये लेने और बाद में फिर से रिश्वत मांगने का आरोप है।
पहले ₹60 हजार वसूले, फिर मांगे और पैसे
शिकायतकर्ता संजीव राय के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उनके दो बेटों और उनके तीन दोस्तों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। उनका दावा है कि घटना के समय उनके बेटे मौके पर मौजूद ही नहीं थे। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को सबूत के तौर पर पेनड्राइव भी सौंपी थी।आरोप है कि इसके बावजूद बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी ओमकार और सिपाही शशांक त्रिपाठी ने मुकदमे से नाम हटाने के एवज में पहले ही 60 हजार रुपये वसूल लिए।
रिश्वत के लिए लगातार बनाते रहे दबाव
पीड़ित का आरोप है कि पहली रकम लेने के बाद भी दोनों पुलिसकर्मी 40 से 50 हजार रुपये और मांगने लगे। काफी अनुरोध के बाद मामला 10 हजार रुपये में तय हुआ। लगातार हो रही मांग और उत्पीड़न से परेशान होकर संजीव राय ने 4 जुलाई को एंटी करप्शन टीम से लिखित शिकायत की।
जाल बिछाकर रंगेहाथ पकड़े गए
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता चौकी पहुंचा और जैसे ही उसने 10 हजार रुपये दिए, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी ओमकार और सिपाही शशांक त्रिपाठी को रंगेहाथ पकड़ लिया। रिश्वत की रकम सिपाही के कब्जे से बरामद हुई।
दोनों के खिलाफ केस दर्ज
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सदर बाजार थाने लाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।








