झारखंड: बेटों को जिंदगी देकर खुद मौत के मुंह में चला गया पिता… नदी में दो मासूमों को बचाने के लिए दामु हेंब्रम ने दे दी जान
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में कारो नदी में डूब रहे अपने दो बेटों को बचाने के लिए पिता दामु हेंब्रम ने अपनी जान दे दी। पढ़िए इस भावुक घटना की पूरी कहानी।

पश्चिमी सिंहभूम। Jharkhand Father Saved Children अक्सर कहा जाता है कि मां का आंचल दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होता है। यह भी सच है कि मां की ममता का कोई मोल नहीं। लेकिन एक सच यह भी है कि पिता का प्यार अक्सर शब्दों में नहीं, जिम्मेदारियों और त्याग में दिखाई देता है। वह कम बोलता है, लेकिन परिवार के लिए हर दिन लड़ता है। बच्चों के सपनों को अपने कंधों पर उठाकर चलता है और जरूरत पड़ने पर अपनी सांसें भी उनके नाम कर देता है।झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से ऐसी ही एक घटना सामने आई है, जिसने हर आंख नम कर दी। यहां एक पिता ने अपने दोनों बेटों को मौत के मुंह से निकाल लिया, लेकिन खुद जिंदगी की जंग हार गया।
जब पिता ने मौत से छीन ली बच्चों की जिंदगी
घटना गुवा थाना क्षेत्र की है। लोहार बस्ती निवासी दामु हेंब्रम शुक्रवार सुबह अपने दोनों बेटों के साथ ठाकुरा गांव के पास बहने वाली कारो नदी में नहाने गए थे।नहाने के दौरान अचानक नदी का बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते दोनों बच्चे गहरे पानी में बहने लगे। बच्चों को डूबता देख दामु हेंब्रम ने एक पल भी नहीं सोचा। वे सीधे उफनती नदी में कूद पड़े।अपनी पूरी ताकत लगाकर उन्होंने दोनों बच्चों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया।
बच्चे बच गए… लेकिन पिता लौटकर नहीं आया
दोनों बेटों की जान तो बच गई, लेकिन उन्हें बचाने की कोशिश में दामु हेंब्रम खुद थककर नदी के गहरे पानी में समा गए।मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और तत्काल गुवा सेल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।जिस पिता ने कुछ मिनट पहले अपने बच्चों को नई जिंदगी दी थी, वही पिता हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चला गया।
परिवार का सहारा छिन गया
दामु हेंब्रम गुवा सेल खदान के ओएचपी विभाग में ठेका मजदूर थे। वे अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे।उनके निधन के बाद सिर्फ दो बच्चों ने अपने पिता को नहीं खोया, बल्कि एक परिवार ने अपना सहारा, अपनी ताकत और अपने भविष्य का सबसे बड़ा आधार खो दिया।
पूरे इलाके की आंखें नम
घटना के बाद पूरे गुवा क्षेत्र में शोक की लहर है। जो भी इस घटना के बारे में सुन रहा है, उसकी आंखें नम हो जा रही हैं।स्थानीय लोग दामु हेंब्रम के साहस और बलिदान को याद कर रहे हैं। सूचना मिलते ही गुवा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
पिता… जो अक्सर अपनी भावनाएं छिपा लेता है
मां की ममता पर हजारों कविताएं लिखी गई हैं, लेकिन पिता का प्रेम अक्सर खामोश रहता है। वह अपने बच्चों से शायद कम कहता है कि वह उनसे कितना प्यार करता है, लेकिन उसके हर संघर्ष, हर पसीने की बूंद और हर त्याग में वही प्यार दिखाई देता है।दामु हेंब्रम की कहानी भी यही बताती है कि एक पिता अपने बच्चों के लिए आखिरी सांस तक ढाल बनकर खड़ा रहता है।








