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झारखंड सरकार का बड़ा एक्शन: गृह विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारी सस्पेंड, सुप्रीम कोर्ट के आदेश में लापरवाही पड़ी भारी

Major action by the Jharkhand government: Two senior Home Department officials suspended; negligence regarding a Supreme Court order proves costly.

रांची: झारखंड सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।इस कार्रवाई के बाद राज्य भर में हड़कंप है।विभागीय कर्मी और अधिकारी इसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मान रही है।

निलंबित अधिकारियों में अवर सचिव संजय कुमार झा और संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा शामिल हैं। दोनों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में गंभीर लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी और बिना सक्षम स्वीकृति के रिपोर्ट भेजने का आरोप है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह कार्रवाई झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत की गई है।

सीसीटीवी क्यों बनी कार्रवाई की वजह

जानकारी के मुताबिक मामला राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से संबंधित है। कोर्ट ने सभी राज्यों से प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिया था कि रिपोर्ट सूचना, प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही भेजी जाए।

आरोप है कि अवर सचिव संजय कुमार झा ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना स्वयं रिपोर्ट तैयार कर सीधे सुप्रीम कोर्ट के एमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे के कार्यालय को ई-मेल भेज दिया। वहीं संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा पर सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के बिना तथ्यों से अलग रिपोर्ट तैयार कर भेजने का आरोप है, जिसके चलते पहले भेजी गई रिपोर्ट को निरस्त कर दोबारा संशोधित रिपोर्ट भेजनी पड़ी।

सरकार ने माना गंभीर अनुशासनहीनता

राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीर प्रशासनिक चूक और अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान संजय कुमार झा का मुख्यालय कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, रांची तथा मनीषा जोसेफ तिग्गा का मुख्यालय दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल आयुक्त कार्यालय, रांची निर्धारित किया गया है।

नियमों के तहत अब सिर्फ मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता

सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों को सेवा नियमों के अनुरूप जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। यह आदेश राज्यपाल की स्वीकृति से जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, राजभवन, महालेखाकार समेत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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