धनबाद में वेतन घोटाला: स्वास्थ्य विभाग में हो गया बड़ा वेतन घोटाला, गोविंदपुर CHC में वेतन घोटाले का आरोप, प्रखंड डाटा प्रबंधक ने मनमाने ढंग से बढ़ाया अपना वेतन!
BDM संजय कुमार पर 5-6 हजार रुपये तक वेतन बढ़ाकर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप, जांच की उठी मांग

धनबाद: झारखंड में वेतन घोटाले में कई अध्याय परत दर परत जुड़ते जा रहे है, जहां सरकारी राशि का मनचाहे तरीके से निकासी की जा रही है।मामला झारखंड के धनबाद जिले के गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का है जहां कथित वेतन घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रखंड डाटा प्रबंधक (Block Data Manager) संजय कुमार ने नियमों को दरकिनार कर अपने वेतन में मनमाने तरीके से लगभग 5 से 6 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर ली। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सुर्खियों में रहने वाला CHC गोविंदपुर इसबार वेतन घोटाले के कारण चर्चा में है। इस कारनामे का पता चलते हीं कर्मियों में भारी आक्रोश है वही कर्मी जांच की मांग कर रहे हैं ।
बताया जा रहा है कि BDM संजय कुमार को गोविंदपुर CHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बिशेश्वर कुमार का करीबी माना जाता है। आरोप है कि इसी का फायदा उठाते हुए उन्होंने अपने वेतन में अनियमित रूप से वृद्धि की, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आ सकता है। मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
वेतन निकासी प्रक्रिया में कौन कौन होते है शामिल
बताया जा रहा है कि BDM संजय कुमार NHM में अनुबंध के आधार पर कार्यरत है। CHC अंतर्गत चल रहे योजनाओं का डाटा प्रबंधन इनका मुख्य कार्य है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के करीबी होने की वजह से संजय कुमार का प्रशासनिक कार्यों में काफी हस्तक्षेप रहता है। जिसकी शिकायत कर्मियों ने कई बार अपने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कर चुके है। मनमाने तरीके से मानदेय बढ़ोतरी और सरकारी राशि के दुरुपयोग करने के वावजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने इन्हें पूरे CHC का वित्तीय प्रबंधन में महत्वपूर्ण पद पर बैठा दिया है।
जबकि वेतन निकासी की प्रक्रिया में BPM, BAM और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शामिल होते हैं इसके वावजूद कैसे BDM संजय कुमार के वेतन में वृद्धि हो गए इससे सभी आश्चर्यचकित है। जबकि अन्य कर्मियों का पिछले अप्रैल 25 से ही मानदेय वृद्धि बकाया है। अब कर्मी CHC गोविंदपुर में सभी प्रकार के वित्तीय लेनदेन के जांच की भी मांग की रहे है।
हालांकि, इस संबंध में अब तक स्वास्थ्य विभाग या गोविंदपुर CHC प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संजय कुमार का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।









