धनबाद के तत्कालीन BDO पर गिरफ्तारी वारंट: सरकारी राशि गबन मामले में कोर्ट सख्त, 24 सितंबर को अगली सुनवाई
धनबाद की निगरानी अदालत ने सरकारी राशि के कथित गबन मामले में झरिया के तत्कालीन बीडीओ विभाष चंद्र ठाकुर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।

धनबाद। बीडीओ विभाष चंद्र ठाकुर की मुश्किलें बढ़ गयी है। सरकारी राशि के कथित गबन और धोखाधड़ी के मामले में धनबाद की निगरानी अदालत ने झरिया के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विभाष चंद्र ठाकुर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत ने लगातार अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए उनका बेल बॉन्ड भी रद्द कर दिया है।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश मनीष की अदालत में बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पाया गया कि विभाष चंद्र ठाकुर लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। इतना ही नहीं, उनकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से कोई प्रतिनिधित्व आवेदन भी दाखिल नहीं किया गया था।
इसी को आधार बनाते हुए अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी। अदालत ने अगली तारीख पर आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
सरकारी राशि के गबन का आरोप
मामला उस समय का है जब विभाष चंद्र ठाकुर झरिया में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर कार्यरत थे। उन पर सरकारी राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच की। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर विभाग ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की और बाद में अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया।अब गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।








