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Health News: ये 5 संकेत बताते हैं शरीर में हो सकती है प्रोटीन की कमी, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

Protein Deficiency: मांसपेशियों की कमजोरी, बार-बार बीमार पड़ना, बाल झड़ना और घाव देर से भरना प्रोटीन की कमी के संकेत हो सकते हैं। जानें डाइट में कैसे पूरा करें प्रोटीन।

Health News । यूं तो प्रोटीन को अक्सर सिर्फ मसल्स बनाने और जिम करने वालों के पोषक तत्व के तौर पर देखा जाता है, लेकिन हकीकत में शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। प्रोटीन कोशिकाओं की मरम्मत, हार्मोन और एंजाइम के निर्माण तथा इम्यून सिस्टम को सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है।

अगर डाइट में लंबे समय तक पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा है, तो शरीर कई तरह के संकेत देना शुरू कर सकता है। शुरुआत में ये लक्षण सामान्य थकान या कमजोरी जैसे लग सकते हैं, लेकिन लगातार बने रहने पर इन्हें नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ये कई गंभीर बीमारी, अपंगता की वजह भी बन सकता है।

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मांसपेशियों में कमजोरी और ताकत कम होना

शरीर में प्रोटीन की कमी का असर सबसे पहले मांसपेशियों पर पड़ सकता है। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलने पर मांसपेशियों की ग्रोथ और रिपेयर प्रभावित हो सकती है।ऐसे में व्यक्ति को पहले की तुलना में कमजोरी महसूस हो सकती है। रोजमर्रा के काम करने में जल्दी थकान होना या शारीरिक ताकत कम महसूस होना भी इसका एक संकेत हो सकता है।

बार-बार बीमार पड़ना

दरअसल प्रोटीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी है। इसकी पर्याप्त मात्रा नहीं मिलने पर शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।अगर कोई व्यक्ति बार-बार संक्रमण, सर्दी-जुकाम या दूसरी सामान्य बीमारियों से परेशान रहता है, तो केवल प्रोटीन की कमी को इसका कारण मानने के बजाय डॉक्टर से उचित जांच और सलाह लेना जरूरी है।

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बाल झड़ना और नाखून कमजोर होना

बाल और नाखून भी प्रोटीन से जुड़े होते हैं। लंबे समय तक पोषण की कमी रहने पर बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है।इसी तरह नाखून पतले, कमजोर और आसानी से टूटने वाले हो सकते हैं। हालांकि बाल झड़ने या नाखून कमजोर होने के पीछे आयरन, थायरॉइड और अन्य पोषक तत्वों की कमी जैसे कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।

चोट या घाव भरने में लग सकता है ज्यादा समय

शरीर में चोट लगने के बाद ऊतकों की मरम्मत और नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। डाइट में इसकी कमी होने पर घाव भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।इसलिए अगर किसी व्यक्ति में घाव सामान्य से अधिक समय ले रहे हैं या शरीर की रिकवरी धीमी महसूस हो रही है, तो खानपान के साथ-साथ इसके दूसरे संभावित कारणों की भी जांच करानी चाहिए।

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लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त और संतुलित भोजन नहीं मिलने पर शरीर में लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर डाइट में प्रोटीन भी कम है, तो यह समस्या और अधिक महसूस हो सकती है।बिना ज्यादा मेहनत किए थक जाना, रोजाना के काम में ऊर्जा की कमी महसूस होना या शरीर में कमजोरी बने रहना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ऐसे पूरी करें डाइट में प्रोटीन की जरूरत

प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए डाइट में अलग-अलग स्रोतों को शामिल किया जा सकता है। दाल, राजमा, छोले, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली और चिकन प्रोटीन के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा बादाम, मूंगफली, कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ भी डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

कोशिश करें कि दिन के हर प्रमुख भोजन में प्रोटीन का कोई स्रोत जरूर शामिल हो।ध्यान रखें: केवल इन लक्षणों के आधार पर प्रोटीन की कमी का खुद से निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। लगातार कमजोरी, बाल झड़ना, बार-बार बीमारी या घाव देर से भरने जैसी समस्या होने पर डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है। प्रोटीन सप्लीमेंट भी विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही लेना चाहिए।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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