अवैध उत्खनन में हुई 3 मौतों के बाद राजनीति गरमाई, जयराम महतो ने स्थानीय विधायक शत्रुघ्न – सांसद ढुलू महतो पर लगाए गंभीर आरोप
“रामकनाली में 3 मौतों के बाद गरमाई सियासत, जयराम महतो का बड़ा हमला; शत्रुघ्न-ढुलू महतो पर गंभीर आरोप

धनबाद। बाघमारा के रामकनाली थाना क्षेत्र के केशलपुर इलाके में कथित अवैध उत्खनन के दौरान हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद अब झारखंड की राजनीति गरमा गई है। हादसे को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने अवैध खनन को सीधे तौर पर मौतों की मूल वजह बताते हुए स्थानीय विधायक शत्रुघ्न महतो और उनके बड़े भाई तथा सांसद ढुलू महतो पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जयराम महतो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कोयले के कारोबार और अवैध खनन से जुड़े खेल ने कुछ लोगों को आर्थिक और राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली बनाया है। उन्होंने इस पूरे मामले में स्थानीय स्तर से लेकर ब्यूरोक्रेसी और सफेदपोशों तक की कथित मिलीभगत का आरोप लगाया।
हालांकि, जयराम महतो की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मालूम हो कि अवैध उत्खनन मामले पर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने भी कड़े निर्देश जारी किए है। ऐसे में ये हादसा अवैध उत्खनन मामले पर रोक लगाने की दिशा में सवालिया निशान खड़े कर रहा है। हाल ही में PMO कार्यालय के बड़े अधिकारी द्वारा धनबाद दौरा भी किया गया था ऐसे में ये सवाल अहम है कि हादसा पर निष्पक्ष जांच कब तक होगी?
केशलपुर में कैसे हुआ हादसा?
रामकनाली के केशलपुर इलाके में कोयला निकालने के लिए कथित तौर पर किए जा रहे अवैध उत्खनन के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों के मलबे में दबने की बात सामने आई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया। मलबे से लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया।हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है। वहीं, अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है।
विधायक जयराम महतो ने सिस्टम पर उठाए सवाल
हादसे के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो ने अवैध खनन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध उत्खनन पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगती, ऐसे हादसों का सिलसिला थमना मुश्किल है।
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि अवैध खनन का यह खेल केवल स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों तक सीमित नहीं है। उन्होंने ब्यूरोक्रेसी और सफेदपोशों की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए। इसी दौरान उन्होंने बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो और उनके बड़े भाई सांसद ढुलू महतो का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए।
‘कोयले के कारोबार से बने प्रभावशाली’
जयराम महतो का दावा है कि कोयले के कारोबार और इसी तरह की गतिविधियों से जुड़े लोगों ने समय के साथ आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव हासिल किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी है, तो इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं होती?
उनके आरोपों के बाद अब बाघमारा की राजनीति में भी हलचल बढ़ने के आसार हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल—कार्रवाई कब?
रामकनाली-केशलपुर हादसे में तीन लोगों की मौत ने एक बार फिर धनबाद के कोयलांचल में अवैध उत्खनन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हादसे के बाद अवैध उत्खनन के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी? इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि हादसे की जांच में जिम्मेदारी किसकी तय होती है और क्या अवैध खनन से जुड़े पूरे नेटवर्क तक जांच पहुंचती है।
फिलहाल जयराम महतो के आरोपों के बाद मामला सिर्फ हादसे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने धनबाद की राजनीति में भी नया विवाद खड़ा कर दिया है।











