CBI Action: रिश्वत लेते WCL अधिकारी गिरफ्तार, बिल भुगतान में 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा, धनबाद BCCL-CISF भ्रष्टाचार मामले में भी केस दर्ज
कोयला क्षेत्र से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में CBI की कार्रवाई, WCL अधिकारी 40 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार, धनबाद BCCL-CISF मामले में दो अधिकारियों पर FIR।

रांची: कोयला क्षेत्र से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की है। एक मामले में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के उमरेड एरिया में तैनात सीनियर ओवरसियर (सिविल) को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
वहीं, धनबाद स्थित BCCL कोयला नगर की CISF यूनिट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में CBI ने तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर और तत्कालीन महिला निरीक्षक राज लक्ष्मी वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है।दोनों मामलों में CBI ने अलग-अलग शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है।
WCL अधिकारी ने बिल भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
पहला मामला महाराष्ट्र के नागपुर स्थित WCL के उमरेड एरिया का है। CBI के मुताबिक, शिकायतकर्ता को पिरवा गांव की पुनर्वास साइट पर पेयजल आपूर्ति के लिए दो बोरवेल बनाने, सबमर्सिबल पंप लगाने और पाइपलाइन बिछाने का काम मिला था।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि गोकुल मुरपार सब-एरिया में तैनात सीनियर ओवरसियर (सिविल) ने काम के तीसरे बिल का भुगतान जारी करने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। यह रकम करीब 25.35 लाख रुपये के बिल की 2 फीसदी राशि बताई गई।शिकायत मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
धनबाद BCCL-CISF यूनिट में कथित भ्रष्टाचार पर FIR
दूसरा मामला झारखंड के धनबाद स्थित BCCL कोयला नगर की CISF यूनिट से जुड़ा है। CBI ने CISF मुख्यालय, नई दिल्ली के मुख्य सतर्कता अधिकारी एवं IG (कार्मिक) जोस मोहन की लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया है।FIR में तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर और तत्कालीन महिला निरीक्षक राज लक्ष्मी वर्मा को नामजद किया गया है।
पेन ड्राइव में मिले थे तीन ऑडियो क्लिप
मामले की शुरुआत ऑल इंडिया कोल माइंस यूनियन, झारखंड के मदन सिंह की शिकायत से हुई थी। शिकायत के साथ CISF को एक पेन ड्राइव भी दी गई थी, जिसमें तीन ऑडियो क्लिप मौजूद थीं।
शिकायत में CISF यूनिट में तैनात कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित भ्रष्टाचार तथा अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद CISF स्तर पर विभागीय जांच शुरू की गई।जांच के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्य सामने आने और ऑडियो रिकॉर्डिंग की पड़ताल के बाद मामला आपराधिक जांच के लिए आगे बढ़ाया गया।
ऑडियो में अधिकारियों की आवाज होने का दावा
विभागीय जांच में ऑडियो क्लिप में सुनाई देने वाली आवाजों की प्रथम दृष्टया पहचान ओम कुमार तंवर और राज लक्ष्मी वर्मा के रूप में किए जाने की बात सामने आई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर CBI ने मामला दर्ज किया है।FIR में आरोपित अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और BNS की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ACB धनबाद करेगी जांच
CBI ने नियमित केस दर्ज करने के बाद जांच की जिम्मेदारी ACB धनबाद को दी है। DSP विकास कुमार पाठक के नेतृत्व में जांच टीम शिकायत, विभागीय जांच के दस्तावेज, ऑडियो क्लिप और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।
इस तरह कोयला क्षेत्र से जुड़े इन दो अलग-अलग मामलों में CBI की कार्रवाई ने एक बार फिर भ्रष्टाचार और कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ जांच एजेंसी की सक्रियता को सामने रखा है। WCL मामले में गिरफ्तारी हुई है, जबकि धनबाद के BCCL-CISF मामले में FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।












