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झारखंड : ओह माय गॉड! चिप्स खाते ही 2 साल के शिवम की मौत! पैकेट में निकला गुब्बारा बना जानलेवा, आपका बच्चा भी खाता है चिप्स तो रहें सावधान

चिप्स के पैकेट में निकला गुब्बारा निगलने से 2 साल के शिवम की मौत हो गई। जानें बच्चों के लिए छोटे खिलौने और गुब्बारे कितने खतरनाक हैं।

हजारीबाग: अगर आपका बच्चा भी चिप्स के पैकेट खोलते ही उसमें निकलने वाले खिलौनों और दूसरी आकर्षक चीजों को देखकर खुश होता है, तो यह खबर आपके लिए एक गंभीर चेतावनी है। झारखंड के हजारीबाग जिले के बरकट्ठा में एक दर्दनाक हादसे में महज दो साल के बच्चे शिवम कुमार की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, चिप्स खाते समय पैकेट में निकला छोटा गुब्बारा निगल लेने से बच्चे की सांस रुक गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के स्नैक्स के पैकेट में रखी जाने वाली छोटी वस्तुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे चिप्स खाते-खाते चली गई मासूम की जान?

घटना रविवार शाम करीब पांच बजे बरकट्ठा के डाकडीह स्थित साहू टोला की बताई जा रही है। मृतक शिवम कुमार, मनोज साव का बेटा था। बरकट्ठा उत्तरी पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी और प्रतिनिधि बसंत साव से मिली जानकारी के अनुसार, शिवम के पिता स्थानीय दुकान से बैलून ब्रांड का चिप्स खरीदकर लाए थे।

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चिप्स खाते समय बच्चे ने पैकेट में मौजूद छोटा गुब्बारा भी निगल लिया। बताया जाता है कि गुब्बारा गले में फंसने के बाद उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरकट्ठा लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

आखिर चिप्स के साथ निकला गुब्बारा कैसे बन सकता है जानलेवा?

दो साल के बच्चे की सांस की नली बेहद छोटी होती है। इस उम्र में बच्चे अक्सर चीजों को मुंह में डाल लेते हैं और निगलने की कोशिश करते हैं। यदि कोई छोटा गुब्बारा या दूसरी वस्तु गले में फंसकर वायुमार्ग को बंद कर दे, तो बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है। वायुमार्ग पूरी तरह बंद होने पर दम घुटने से कुछ ही समय में जान जाने का खतरा रहता है।

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गुब्बारे का खतरा विशेष रूप से गंभीर है। लेटेक्स का गुब्बारा सांस की नली में जाकर उसके आकार के अनुसार फैल सकता है और वायुमार्ग को अवरुद्ध कर सकता है। इसलिए छोटे बच्चों को गुब्बारे और उनके टुकड़ों से दूर रखना जरूरी है।हालांकि, शिवम की मौत के सटीक चिकित्सकीय कारण की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। घटना के विवरण के अनुसार, गुब्बारा निगलने और सांस रुकने के बीच संबंध बताया गया है।

चिप्स के पैकेट में छोटे खिलौने बच्चों के लिए कितना खतरनाक?

इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चिप्स और अन्य स्नैक्स के पैकेट में बच्चों को आकर्षित करने के लिए गुब्बारे, प्लास्टिक की गोलियां और छोटे खिलौने रखने पर चिंता जताई है।
छोटे बच्चों के लिए ऐसी वस्तुएं कई तरह से जोखिम पैदा कर सकती हैं:
• गले में फंसने का खतरा: छोटी वस्तु निगलने पर सांस का रास्ता बंद हो सकता है।
• गुब्बारे से दम घुटने का जोखिम: गुब्बारा या उसका टुकड़ा वायुमार्ग में फंस सकता है।
• अचानक हादसे की आशंका: खेलते या खाते समय बच्चा अनजाने में खिलौना मुंह में डाल सकता है।
• माता-पिता के लिए पहचानना मुश्किल: बच्चा वस्तु निगल ले, तो शुरुआत में उसका पता भी नहीं चल सकता।
बताया गया है कि संबंधित चिप्स का निर्माण मां तारा फूड प्रोडक्ट, कतरास, धनबाद द्वारा किया जाता है। उत्पाद की सुरक्षा, पैकेट में गुब्बारा रखे जाने और संबंधित नियमों के अनुपालन को लेकर आधिकारिक जांच या निर्माता का पक्ष सामने आना बाकी है।
आपका बच्चा चिप्स खाता है, तो इन बातों का रखें ध्यान
• छोटे बच्चों को चिप्स के पैकेट में मिलने वाले गुब्बारे, प्लास्टिक की गोलियां या छोटे खिलौने खेलने के लिए न दें।
• पैकेट खोलते समय उसके अंदर मौजूद अतिरिक्त वस्तुओं की जांच करें।
• तीन साल से कम उम्र के बच्चों को छोटी और आसानी से निगली जा सकने वाली वस्तुओं से दूर रखें।
• बच्चे को खाते समय अकेला न छोड़ें और उसकी निगरानी करें।
• पैकेट पर उम्र संबंधी चेतावनी और सुरक्षा निर्देश जरूर पढ़ें।

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बच्चा कुछ निगल ले और सांस अटकने लगे, तो क्या करें?

यदि बच्चा अचानक सांस नहीं ले पा रहा है, आवाज नहीं निकाल पा रहा है या प्रभावी ढंग से खांस नहीं पा रहा है, तो यह दम घुटने की आपात स्थिति हो सकती है। तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
एक साल से कम उम्र के शिशु और एक साल से अधिक उम्र के बच्चे के लिए प्राथमिक उपचार की तकनीक अलग होती है। उम्र के अनुसार प्रशिक्षित प्राथमिक उपचार अपनाएं। बच्चे के मुंह में उंगली डालकर बिना देखे वस्तु निकालने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे वह और अंदर जा सकती है। यदि बच्चा बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो आपातकालीन सहायता के निर्देशों के अनुसार CPR शुरू करें।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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