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हे भगवान ! जमीन माफिया ने श्मशान की जमीन भी नहीं छोड़ी,अंतिम संस्कार भी हुआ मुश्किल.. आक्रोशित ग्रामीणों ने महापंचायत कर फूंका बिगुल

Oh my God! The land mafia didn't even spare the cremation grounds. Angry villagers held a grand council and blew the trumpet.

धनबाद/15 जनवरी 25:जमीन माफिया की सांठगांठ की किस्से एक से बढ़कर एक है। सरकारी जमीन, तालाब, नदी के जमीन को बेचना तो आम हो गया है अब जमीन माफिया श्मशान घाट को भी नहीं छोड़ रहे। ऐसा ही एक मामला धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी का है जहां अंचल में  जमीन माफियाओं के नजर से अब शमशान घाट की ‘पवित्र भूमि’ भी सुरक्षित नहीं है। रामपुर पंचायत के खेशमी जोरिया स्थित शमशान घाट की जमीन पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। पूर्वजों की निशानी बचाने के लिए अब ग्रामीण आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। जिसके विरोध में महापंचायत सामने आया है।

​रविवार को जमीन माफिया के प्रति आक्रोशित ग्रामीणों ने एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी गई— “जमीन खाली कराएं, वरना उग्र आंदोलन के लिए तैयार रहें।”

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क्या है पूरा मामला?

​ग्रामीणों का आरोप है कि खेशमी जोरिया स्थित शमशान घाट, जहां पीढ़ियों से उनके पूर्वजों का अंतिम संस्कार होता आया है, उस पर जमीन माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी आहत किया है।

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​महापंचायत में उमड़ी भीड़ ने एक सुर में कहा कि शमशान की जमीन माफिया द्वारा किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में न केवल स्थानीय ग्रामीण, बल्कि आसपास के मुखिया और जनप्रतिनिधि भी एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ लामबंद नजर आए।

मौके पर पहुंचा प्रशासन, दिया कार्रवाई का भरोसा

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​मामले की संवेदनशीलता और बिगड़ते माहौल को देखते हुए अंचल अधिकारी (CO) सुरेश प्रसाद वर्णवाल और थाना प्रभारी नीतीश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने जमीन माफिया के प्रति ग्रामीणों के गुस्से को शांत करने का प्रयास किया।

CO सुरेश प्रसाद वर्णवाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा:

“शमशान घाट की भूमि से जुड़े सभी दस्तावेज पुलिस को सौंपे जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

 

ग्रामीणों का अल्टीमेटम: ‘जिम्मेदारी प्रशासन की होगी’

​प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा जमीन माफिया के प्रति पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। महापंचायत में यह स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और जमीन मुक्त नहीं कराई गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने साफ किया कि इस दौरान अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

मुख्य बिंदु एक नजर में:

  • स्थान: खेशमी जोरिया, रामपुर पंचायत, पूर्वी टुंडी (धनबाद)।
  • विवाद: शमशान घाट की जमीन पर कथित अवैध कब्जा।
  • मांग: अतिक्रमणकारियों की तत्काल गिरफ्तारी और जमीन की मुक्ति।
  • मौजूदा स्थिति: प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन ग्रामीण सतर्क हैं।

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