झारखंड-गजब मामला: महुआ पेड़ की वजह से टूट गयी शादी, दुल्हन लाल जोड़े में करती रही इंतजार, लेकिन नहीं पहुंचा दुल्हा, जानिये क्यों पेड़ बना विलेन
Jharkhand: A mahua tree ruins a wedding; the bride waits in her red dress, but the groom doesn't arrive. Find out why the tree became the villain.

झारखंड में सिर्फ एक महुआ पेड़ की वजह से शादी नहीं हो सकी। दुल्हन लाल जोड़े में मेहंदी रचाकर बैठी रही, लेकिन ना बारात आयी और ना दुल्हा पहुंचा। चौकाने वाली ये घटना गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र की है। जहां तय तारीख और सभी तैयारियों के बावजूद दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। दुल्हन पक्ष ने तिलक में दी गई रकम वापस न मिलने और शादी टूटने को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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Jharkhand News। महुआ पेड़ की वजह से ऐसा बवाल हुआ कि शादी ही टूट गयी। दुल्हन सज धजकर बैठी रही, लेकिन बारात नहीं पहुंची। झारखंड के गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत करवा पहाड़ गांव में एक शादी समारोह से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दुल्हन पक्ष ने थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक करवा पहाड़ गांव निवासी रिजवान अंसारी ने अपनी पुत्री शैदा खातून की शादी गांव के ही सहबान अंसारी के पुत्र असदमुद्दीन अंसारी के साथ तय की थी। दोनों परिवारों की आपसी सहमति के बाद 3 मई की तारीख शादी के लिए तय की गई थी। शादी से पहले तिलक की रस्म में दूल्हा पक्ष को एक लाख रुपये नगद भी दिए गए थे।
शादी की तैयारियों के तहत शादी का कार्ड छपवाकर पूरे गांव और रिश्तेदारों में वितरित किया गया था। इसके साथ ही विवाह से संबंधित प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया था। निर्धारित दिन पर दुल्हन अपने परिवार और समाज के लोगों के साथ बरात के स्वागत के लिए घर के दरवाजे पर इंतजार करती रही, लेकिन देर रात तक बरात नहीं पहुंची।
दुल्हन पक्ष का आरोप है कि बरात न आने से न सिर्फ सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि आर्थिक नुकसान भी हुआ है। इस मामले को लेकर लड़की के पिता रिजवान अंसारी ने धुरकी थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि तिलक में दी गई एक लाख रुपये की राशि भी वापस नहीं की गई है।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूल्हा पक्ष के साथ जमीन और महुआ के पेड़ को लेकर पहले से विवाद चल रहा था, जिसके कारण यह विवाद और बढ़ गया। ग्रामीणों के अनुसार, शादी तय होने के बाद दोनों पक्षों के बीच जमीन संबंधी मुद्दों पर बैठक भी हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
इसी बीच दूल्हे के पिता सहबान अंसारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि बरात जाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन लड़की पक्ष के व्यवहार से असंतुष्टि के कारण अंतिम समय में बरात नहीं भेजी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़की पक्ष की ओर से सहयोगात्मक रवैया नहीं था, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।
इस घटना के बाद से पूरे गांव में चर्चा का माहौल है और दुल्हन तथा उसके परिवार के लोग मानसिक तनाव में बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि यह विवाद कानूनी और सामाजिक स्तर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है।







