रांची: महिला कैदी हो गयी सेंट्रल जेल में प्रेग्नेंट, मचा बवाल, बाबूलाल मरांडी ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, अफसरों पर कार्रवाई की मांग
Ranchi: A female prisoner becomes pregnant in the Central Jail, sparking an uproar. Babulal Marandi writes to the Chief Minister, demanding action against the officers.

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी के कथित यौन शोषण का गंभीर मामला उठाया। मरांडी ने जेल अधीक्षक पर महिला कैदी को गर्भवती करने और प्रशासनिक अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोपित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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रांची/17.5.26। बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में महिला कैदी गर्भवती हो गयी है। मामले के खुलासे के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गयी है। अब इस मामले में बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि जेल अधीक्षक द्वारा एक महिला कैदी का मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई है। इस मामले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
बाबूलाल मरांडी ने लिखा पत्र
बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि मामले को दबाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उच्च स्तर के अधिकारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं।नेता प्रतिपक्ष ने कारा महानिरीक्षक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और फाइलों को गायब करने की कोशिश की जा रही है, ताकि आरोपित अधिकारियों को बचाया जा सके।
महिला कैदी के गर्भवती होने का मामला
मरांडी ने आरोप लगाया कि जेल के भीतर लंबे समय से संगठित तरीके से गलत गतिविधियां चल रही हैं और इस मामले में प्रभाव तथा पैसे का इस्तेमाल कर गवाहों को चुप कराने की कोशिश की जा रही है।पत्र में यह भी कहा गया है कि मामले से जुड़े वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। मरांडी के अनुसार गर्भवती महिला कैदी को बीमारी का हवाला देकर अलग-अलग अस्पतालों और स्थानों पर ले जाया जा रहा है, जिससे फॉरेंसिक जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले के कुछ महत्वपूर्ण गवाहों का अचानक तबादला कर दिया गया या उन्हें पद से हटा दिया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने की जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने जेल अधीक्षक और कारा महानिरीक्षक को तत्काल सेवामुक्त कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है। मरांडी ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे यह संदेश जाएगा कि राज्य का प्रशासनिक तंत्र इस मामले को दबाने में शामिल है।
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर जेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बना रहा है। वहीं अब तक राज्य सरकार या जेल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









