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DSP का डिमोशन: 9 DSP बने सीनियर DSP तो 9 अधिकारियों की पदावनति, जानिये क्यों बदल गयी सीनियरिटी लिस्ट

DSP Demotion: 9 DSPs promoted to Senior DSP, 9 officers demoted; find out why the seniority list changed.

रांची/25.5.26। झारखंड पुलिस सेवा से जुड़ी एक बड़ी अहम खबर आयी है। राज्य सरकार ने पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) की वरीयता सूची में बड़ा बदलाव करते हुए नई सीनियोरिटी लिस्ट जारी की है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में चौथी जेपीएससी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर वरीयता सूची का पुनर्निर्धारण किया गया है। इस फैसले के बाद राज्य पुलिस सेवा के कई अधिकारियों के पद और वरीयता क्रम में बड़ा बदलाव हुआ है।

नई सूची जारी होने के बाद जहां 9 अधिकारियों को सीनियर डीएसपी के पद पर प्रोन्नति दी गई है, वहीं पहले से सीनियर डीएसपी पद पर कार्यरत 9 अधिकारियों को वरीयता क्रम में नीचे आने के कारण वापस मूल डीएसपी रैंक में भेज दिया गया है। विभागीय अधिसूचना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

ये अधिकारी बने सीनियर डीएसपी

संशोधित वरीयता सूची के आधार पर जिन अधिकारियों को सीनियर डीएसपी के पद पर प्रोन्नत किया गया है, उनमें नाजीर अख्तर, प्रवीण कुमार सिंह, मनीष कुमार, नीरज कुमार, मो. मुजीबुर रहमान, विकास आनंद लागुरी, अनुज उरांव, प्रदीप पॉल कच्छप और अमित कुमार कच्छप के नाम शामिल हैं।इन अधिकारियों को नई मेरिट और सीनियोरिटी के आधार पर पदोन्नति का लाभ दिया गया है। विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई है।

9 अधिकारियों को वापस मूल रैंक में भेजा गया

नई सीनियोरिटी सूची लागू होने के बाद जिन अधिकारियों की वरीयता नीचे चली गई, उन्हें सीनियर डीएसपी पद से हटाकर पुनः डीएसपी की मूल कोटि में भेज दिया गया है। इनमें सुमित कुमार, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, दीपक कुमार, ज्ञान रंजन, सुनील कुमार रजवार, विजय कुमार महतो, कौशर अली, संजीव कुमार बेसरा और जीतवाहन उरांव शामिल हैं।इस फैसले को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा तेज है, क्योंकि आमतौर पर पदोन्नति के बाद अधिकारियों को वापस निचले पद पर भेजे जाने की घटनाएं कम ही देखने को मिलती हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदली पूरी तस्वीर

गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट में दायर एक रिट याचिका पर पारित आदेश के आलोक में की गई है। अदालत ने निर्देश दिया था कि विज्ञापन संख्या 11/2010 के तहत आयोजित झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC परीक्षा में अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त मूल अंकों के आधार पर ही वरीयता सूची तैयार की जाए।
इसी आदेश के अनुपालन में विभाग ने पूरी सीनियोरिटी सूची को दोबारा तैयार किया और उसी आधार पर प्रोन्नति तथा पदावनति की कार्रवाई की गई। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई सूची और उससे जुड़े आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिए गए हैं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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