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झारखंड: राज्यसभा चुनाव में झामुमो को किस बात की सता रही है चिंता? चुनाव आयोग को लिखा पत्र, CBI, ED और ACB को अलर्ट….

Jharkhand: What is JMM worried about in the Rajya Sabha elections? Letter to the Election Commission, alert to CBI, ED, and ACB.

रांची/26.5.26। 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले ही झारखंड की राजनीति गरमा गयी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताते हुए भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में झामुमो ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी और केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय रखने की मांग की है।

झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर कहा है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान धनबल और राजनीतिक दबाव के जरिए विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि चुनाव प्रक्रिया पर विशेष नजर रखी जाए ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।

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झामुमो का दोनों सीटों पर जीत का दावा

पत्र में झारखंड विधानसभा के वर्तमान गणित का भी उल्लेख किया है। पार्टी के अनुसार, 81 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के चार और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के दो विधायक शामिल हैं।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में प्रति सीट आवश्यक कोटे के हिसाब से गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत पूरी तरह सुनिश्चित है। उन्होंने दावा किया कि संख्या बल के आधार पर चुनाव परिणाम स्पष्ट है और विपक्ष के पास जीत का कोई गणित नहीं है।
भाजपा पर गंभीर आरोप

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झामुमो ने मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि विधानसभा में भाजपा के पास केवल 21 विधायक हैं, जो किसी भी उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू लगातार सार्वजनिक मंचों से राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर रहे हैं।
झामुमो का आरोप है कि पर्याप्त संख्या नहीं होने के बावजूद उम्मीदवार उतारने की रणनीति इस बात की ओर संकेत करती है कि विधायकों को आर्थिक प्रलोभन देने, बाहरी दबाव बनाने और केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से डराने-धमकाने की कोशिश की जा सकती है।

CBI, ED और ACB को अलर्ट रखने की मांग

झामुमो ने चुनाव आयोग से मांग की है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों और निगरानी संस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। पार्टी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को निगरानी मोड में रखने की अपील की है।

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पार्टी का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो चुनाव के दौरान धनबल और दबाव की राजनीति लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। झामुमो ने आयोग से यह भी आग्रह किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान हर गतिविधि पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी तरह की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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