झारखंड: बेटी करना चाहती थी लव मैरिज, तो पिता बन गया जल्लाद, अपने ही हाथों से ले ली बेटी की जान, पुलिस ने किया नया खुलासा
Jharkhand: Daughter wanted to do a love marriage, so father became executioner, took daughter's life with his own hands, police made a new revelation

गढ़वा। बेटी लव मैरिज करना चाहती थी, इसलिए पिता क्रूर बन गया। अपने ही हाथों से बेटी की जान ले ली। झारखंड के गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र स्थित परती कुशवानी गांव में हुई 17 वर्षीय किशोरी की हत्या मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्याकांड में किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं, बल्कि मृतका के अपने पिता का नाम सामने आया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिता ने अपनी बेटी की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उसकी मर्जी से तय की गई शादी के लिए तैयार नहीं थी।घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज एक सप्ताह के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दरअसल 19 मई को केतार थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि परती कुशवानी गांव स्थित निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में घर के बाहर लगा ताला मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह से खुलवाया गया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।
कमरे के भीतर 17 वर्षीय आकृति कुमारी का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। शव काफी सड़ चुका था, जिससे अंदाजा लगाया गया कि हत्या दो से तीन दिन पहले की गई थी। घटना के बाद मृतका के भाई के बयान पर केतार थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पिता निर्मल सिंह राजस्थान में मजदूरी का काम करता था। वहीं उसने अपनी बेटी आकृति की शादी राजस्थान के ही एक युवक से तय कर दी थी। लेकिन किशोरी राजस्थान जाकर शादी करने के लिए तैयार नहीं थी। वह गांव में ही रहना चाहती थी और इसी बात को लेकर पिता-पुत्री के बीच लगातार विवाद होता रहता था।
जांच में यह भी सामने आया कि धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि पिता ने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन उसकी बेटी घर में सो रही थी। उसी दौरान उसने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की कोशिश की। उसने घर के बाहर ताला लगाया और वहां से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी सीधे राजस्थान भाग गया था ताकि उस पर किसी को शक न हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर श्री बंशीधर नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी अनुसंधान और लगातार निगरानी के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी राजस्थान में छिपा हुआ है और जल्द ही गढ़वा लौटने वाला है।27 मई को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के कोन इलाके से होकर खरौंधी मार्ग के रास्ते नगर ऊंटारी की ओर आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी कर दी।
पुलिस वाहन को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान 51 वर्षीय निर्मल सिंह, पिता स्वर्गीय हरिहर सिंह, निवासी ग्राम परती कुशवानी, थाना केतार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
गढ़वा। बेटी लव मैरिज करना चाहती थी, इसलिए पिता क्रूर बन गया। अपने ही हाथों से बेटी की जान ले ली। झारखंड के गढ़वा जिले के केतार थाना क्षेत्र स्थित परती कुशवानी गांव में हुई 17 वर्षीय किशोरी की हत्या मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्याकांड में किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं, बल्कि मृतका के अपने पिता का नाम सामने आया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिता ने अपनी बेटी की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उसकी मर्जी से तय की गई शादी के लिए तैयार नहीं थी।घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज एक सप्ताह के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दरअसल 19 मई को केतार थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि परती कुशवानी गांव स्थित निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में घर के बाहर लगा ताला मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह से खुलवाया गया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।
कमरे के भीतर 17 वर्षीय आकृति कुमारी का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। शव काफी सड़ चुका था, जिससे अंदाजा लगाया गया कि हत्या दो से तीन दिन पहले की गई थी। घटना के बाद मृतका के भाई के बयान पर केतार थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी पिता निर्मल सिंह राजस्थान में मजदूरी का काम करता था। वहीं उसने अपनी बेटी आकृति की शादी राजस्थान के ही एक युवक से तय कर दी थी। लेकिन किशोरी राजस्थान जाकर शादी करने के लिए तैयार नहीं थी। वह गांव में ही रहना चाहती थी और इसी बात को लेकर पिता-पुत्री के बीच लगातार विवाद होता रहता था।
जांच में यह भी सामने आया कि धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि पिता ने अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन उसकी बेटी घर में सो रही थी। उसी दौरान उसने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की कोशिश की। उसने घर के बाहर ताला लगाया और वहां से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी सीधे राजस्थान भाग गया था ताकि उस पर किसी को शक न हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर श्री बंशीधर नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी अनुसंधान और लगातार निगरानी के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी राजस्थान में छिपा हुआ है और जल्द ही गढ़वा लौटने वाला है।27 मई को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के कोन इलाके से होकर खरौंधी मार्ग के रास्ते नगर ऊंटारी की ओर आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी कर दी।
पुलिस वाहन को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान 51 वर्षीय निर्मल सिंह, पिता स्वर्गीय हरिहर सिंह, निवासी ग्राम परती कुशवानी, थाना केतार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।









