झारखंड: “वेतन के इंतजार में स्वास्थ्यकर्मी की हो रही मौत” NHM कर्मियों का गुस्सा सरकार पर भड़का, सिविल सर्जन आफिस के बाहर धरने पर बैठे
Jharkhand: "Health workers dying while awaiting salaries" — NHM staff vent their anger at the government and stage a sit-in protest outside the Civil Surgeon's office.

रांची। झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वक्त इन दिनों तंगहाली में गुजर रहा है। पांच महीने से स्वास्थ्यकर्मियों को वेतन नहीं मिला है। लिहाजा, अब आक्रोश भड़क गया है। पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने रांची स्थित सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से वेतन और प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
मानदेय नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
वहीं, प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि बीते पांच महीनों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
जामताड़ा में कर्मचारी की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
कर्मचारियों ने बताया कि 13 जून को जामताड़ा में एक एनआरएचएम कर्मी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता और अफसरशाही के कारण कर्मचारियों को समय पर उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
पूरे राज्य में भुगतान की समस्या
जानकारी के मुताबिक यह समस्या केवल रांची तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के लगभग सभी जिलों में एनआरएचएम और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मानदेय भुगतान में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य स्तर से राशि जारी होने और जिलों को फंड हस्तांतरित किए जाने के बावजूद भुगतान अटका हुआ है।
ई-वाउचर और एसएनए स्पर्श सिस्टम बना परेशानी की वजह
भुगतान में देरी के पीछे नए डिजिटल भुगतान सिस्टम को जिम्मेदार बताया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार ई-वाउचर प्रणाली और एसएनए स्पर्श (समयोचित प्रणाली एकीकृत शीघ्र हस्तांतरण) प्लेटफॉर्म के तकनीकी रूप से सुचारू नहीं चल पाने के कारण भुगतान प्रक्रिया बाधित हो गई है।
पेपरलेस व्यवस्था धरातल पर फेल
वित्त विभाग के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से एसएनए स्पर्श से जुड़े सभी भुगतानों को ई-साइन आधारित पेपरलेस प्रक्रिया के तहत करना अनिवार्य किया गया है। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वर्तमान में डीडीओ लॉगिन में आवश्यक डेटा प्रदर्शित नहीं हो रहा है, जिससे भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
जून में मिला आवंटन, फिर भी नहीं हुआ भुगतान
सूत्रों के अनुसार मार्च महीने में बजट आवंटन में देरी के कारण भुगतान प्रभावित हुआ था। बाद में 1 जून को राज्य स्तर से बजट जारी कर सभी जिलों को राशि हस्तांतरित कर दी गई। इसके बावजूद तकनीकी खामियों के चलते कर्मचारियों के खातों में मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं पहुंच पाई है।








