close
LIVE UPDATE

झारखंड: DC ने आठ बार समझाया, लेकिन 5 CO नहीं सुधरे, फिर उपायुक्त ने दी ऐसी सजा, जिले भर में मच गया हड़कंप

कोडरमा में म्यूटेशन मामलों के निष्पादन में लापरवाही पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने 5 अंचल अधिकारियों पर कुल ₹2.68 लाख का आर्थिक दंड लगाया। जानिए पूरा मामला।

Mutation News: दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने पर उपायुक्त ने पांच अंचल अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम-2011 के तहत कुल 2.68 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है, जिसकी वसूली संबंधित अधिकारियों के वेतन से की जाएगी। मामला कोडरमा जिले का है।

झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम-2011 के तहत जिले के पांच अंचल अधिकारियों पर कुल 2.68 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। साथ ही जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूलने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इन अंचल अधिकारियों पर लगा जुर्माना

कोडरमा जिला राजस्व शाखा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अलग-अलग अंचलों के अधिकारियों पर निम्नानुसार आर्थिक दंड लगाया गया है—
• जयनगर अंचल अधिकारी – ₹95,000
• चंदवारा अंचल अधिकारी – ₹75,000
• डोमचांच अंचल अधिकारी – ₹49,000
• मरकच्चो अंचल अधिकारी – ₹29,000
• सतगावां अंचल अधिकारी – ₹20,000
इस संबंध में जिला राजस्व शाखा ने मंगलवार को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।

आठ बार चेतावनी के बाद भी नहीं हुआ सुधार

उपायुक्त के आदेश के अनुसार, 9 जुलाई को जिला स्तर पर दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2024 से जून 2026 के बीच लंबित म्यूटेशन मामलों के समयबद्ध निष्पादन के लिए राजस्व शाखा की ओर से आठ बार पत्र जारी कर सभी अंचल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा हर महीने आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में भी बिना आपत्ति वाले मामलों को लंबित रखने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कोडरमा अंचल को छोड़कर अन्य अंचलों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

राज्य सेवा गारंटी अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई

उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि राज्य सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी के मद्देनजर दोषी अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया गया है।

राजस्व व्यवस्था में बढ़ेगी जवाबदेही

प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से लंबित दाखिल-खारिज मामलों के त्वरित निष्पादन में तेजी आएगी और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। साथ ही आम लोगों को समय पर सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *