Jharkhand Weather Alert: झारखंड में 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी, कई जिलों में 115 मिमी तक बरसेंगे बादल
IMD ने झारखंड में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। 4 से 6 अगस्त के बीच 65 से 115 मिमी तक बारिश की संभावना, रांची समेत कई जिलों में येलो वॉच।

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में 3 से 6 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि मौसम में मुख्य बदलाव कल से दिखेगा। मौसम विभाग के अनुसार 4 से 6 अगस्त के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में 65 से 115 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
IMD का ऑल इंडिया अलर्ट, पूर्वी भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
आईएमडी के ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार 3 से 8 अगस्त के दौरान झारखंड, बिहार, ओडिशा, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर वज्रपात भी होगा।
मौसम विभाग ने कहा है कि—
• 3 से 8 अगस्त तक झारखंड में अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
• 2 से 6 अगस्त के दौरान झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।
• 2 से 5 अगस्त तक झारखंड में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
• 2 और 3 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से तेज मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
4 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में भारी बारिश की संभावना है। इनमें शामिल हैं—
• पलामू
• गढ़वा
• चतरा
• लातेहार
• हजारीबाग
• कोडरमा
• रामगढ़
• बोकारो
5 अगस्त को इन जिलों में बरसेंगे बादल
5 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी झारखंड की ओर बढ़ सकता है। इन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है—
• देवघर
• दुमका
• गोड्डा
• जामताड़ा
• पाकुड़
• साहिबगंज
• पूर्वी सिंहभूम
• पश्चिमी सिंहभूम
• सरायकेला-खरसावां
6 अगस्त को रांची समेत 11 जिलों के लिए येलो वॉच
6 अगस्त को मौसम विभाग ने रांची समेत 11 जिलों के लिए येलो वॉच जारी की है।
• रांची
• पलामू
• गढ़वा
• चतरा
• लातेहार
• हजारीबाग
• कोडरमा
• रामगढ़
• लोहरदगा
• गुमला
• खूंटी
क्यों सक्रिय हुआ मानसून?
आईएमडी के अनुसार मानसून की सक्रियता के पीछे कई मौसमीय सिस्टम काम कर रहे हैं।
• मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य स्थिति से दक्षिण में जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति से उत्तर में बना हुआ है।
• दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है।
• उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
• उत्तराखंड के आसपास भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
• 4 अगस्त से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर पूर्वी भारत के मौसम पर भी पड़ सकता है।
• बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण झारखंड में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।
तापमान में आएगी गिरावट
अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग की सलाह
• वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
• तेज बारिश के समय जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाएं।
• किसान मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
• बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
• प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट का पालन करें।









