Jharkhand Health News: अब दूसरे राज्यों से झारखंड आएंगे स्पेशलिस्ट डॉक्टर, कर्नाटक-केरल समेत 4 राज्यों पर नजर, जल्द 300 से ज्यादा डाक्टरों की होगी नियुक्ति
झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गुजरात से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को लाने की तैयारी कर रही है।

रांची: झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। एक तरफ जहां नियुक्ति प्रक्रिया तेज की जा रही है, तो दूसरी तरफ दूसरे राज्यों से भी डाक्टरों को लाने की तैयारी है। कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गुजरात से विशेषज्ञ चिकित्सकों को झारखंड लाने की तैयारी है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन राज्यों का दौरा करेंगे और वहां के योग्य डॉक्टरों से झारखंड में सेवा देने के लिए संपर्क करेंगे।राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक साथ कई स्तरों पर तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में 306 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति वाली फाइल को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एके सिंह ने मंजूरी दी है।
4 राज्यों से डॉक्टरों को लाने की तैयारी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के झारखंड अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के मुताबिक, राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए दूसरे राज्यों से चिकित्सकों को लाने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों की टीम कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और गुजरात का दौरा करेगी।वहां योग्य विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर उन्हें झारखंड में सेवा देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
306 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भी होगी भर्ती
दूसरे राज्यों से डॉक्टरों को लाने की योजना के साथ झारखंड में 306 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इनमें 106 डॉक्टर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत और 200 विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत नियुक्त किए जाएंगे।जल्द ही इन पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जाने की तैयारी है।
जिलों में मजबूत होगी विशेषज्ञ चिकित्सा व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सिर्फ राजधानी तक सीमित न रखकर जिलों तक बढ़ाना है। विभाग का मानना है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से मरीजों को इलाज के लिए बार-बार रांची या दूसरे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।यानी झारखंड अब सिर्फ अपने राज्य में डॉक्टरों की भर्ती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे राज्यों से विशेषज्ञ डॉक्टरों को आकर्षित करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है।












