Matrimonial App पर दोस्ती, शादी का वादा और लाखों की रकम लेने का आरोप! ED का डर दिखाया, नौकरी का लालच दिया और फिर फोन बंद
रांची में जीवनसाथी ऐप के जरिए दोस्ती के बाद शादी का भरोसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप लगा है। ED की छापेमारी और FCI में नौकरी का झांसा देने की शिकायत।

रांची: आज तक मैट्रोमोनियल ऐप से शादी का ट्रेंड चल पड़ा है। लेकिन कई बाद ये ट्रेंड धोखा और ब्लैकमेलिंग का धंधा भी बन जाता है। मैट्रिमोनियल ऐप पर शुरू हुई दोस्ती कब भरोसे और पैसों के जाल में बदल जाए, इसका एक मामला रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र से सामने आया है। चर्च रोड निवासी 43 वर्षीय पूनम कुमारी सिंह ने लखीसराय, बिहार के नया टोला निवासी प्रीतम राज के खिलाफ साइबर अपराध पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है।
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जीवनसाथी ऐप के जरिए आरोपी से उसकी जान-पहचान हुई। बातचीत आगे बढ़ी तो शादी का भरोसा दिया गया। इसके बाद कथित तौर पर अलग-अलग वजह बताकर उससे रकम ली गई। महिला ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पहले मैट्रिमोनियल ऐप पर दोस्ती, फिर शादी का भरोसा
शिकायतकर्ता के अनुसार, जीवनसाथी ऐप के जरिए प्रीतम राज से उसकी बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और आरोपी ने शादी करने का भरोसा दिया।महिला का आरोप है कि इसी दौरान प्रीतम राज ने खुद को अहमदाबाद में ‘जय अंबे सिक्योरिटी सर्विसेज’ नाम की कंपनी का संचालक बताया। उसने खुद को भाजपा का केंद्रीय सचिव होने का दावा भी किया।इन दावों और शादी के भरोसे के कारण महिला का उस पर विश्वास बढ़ता गया।
अचानक सामने आया ED की छापेमारी का डर
शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद आरोपी ने महिला को बताया कि उसके यहां प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की छापेमारी हुई है। कथित तौर पर उसने अपने कागजात और एटीएम जब्त होने की बात कही।इसके बाद उसने परेशानी से निकलने के लिए महिला से आर्थिक मदद मांगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी की बातों पर भरोसा करके उसने उसे पैसे दे दिए।
FCI में नौकरी लगवाने का भी दावा
मामला यहीं नहीं रुका। महिला के अनुसार, आरोपी ने बाद में FCI में नौकरी लगवाने का भरोसा भी दिया।इसके बाद कथित तौर पर फोन-पे के माध्यम से उससे कई बार रकम ली गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 6 अगस्त को आरोपी रांची आया और महिला से दो लाख रुपये नकद लिए।यानी शादी के भरोसे से शुरू हुई बातचीत में धीरे-धीरे आर्थिक लेन-देन बढ़ता गया।
मुख्यमंत्री आवास में काम होने की बात से बढ़ा भरोसा
महिला ने अपनी शिकायत में एक और अहम बात कही है। उसके अनुसार, जब भी आरोपी रांची आता था, वह मुख्यमंत्री आवास में काम होने की बात कहता था।शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी तरह की बातों के कारण उसे आरोपी के दावों पर भरोसा होता गया और वह उसकी ओर से बताई जा रही आर्थिक जरूरतों में मदद करती रही।
27 अगस्त को शादी की बात तय करने का था भरोसा
शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त को आरोपी ने उधार चुकाने के लिए बैंक में चेक जमा करने की बात कही थी। इसके बाद उसने 27 अगस्त को अपने परिजनों के साथ रांची आने और शादी की बात तय करने का भरोसा दिया था।लेकिन कहानी में मोड़ इससे पहले ही आ गया।
26 अगस्त के बाद मोबाइल बंद, संपर्क हुआ खत्म
महिला के मुताबिक, 26 अगस्त को आरोपी से व्हाट्सऐप पर आखिरी बार बातचीत हुई। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।काफी कोशिशों के बावजूद जब संपर्क नहीं हो सका, तो महिला ने साइबर अपराध पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अब जांच से खुलेगा पूरा मामला
फिलहाल महिला की शिकायत के आधार पर मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। कितनी रकम कथित तौर पर ली गई और आरोपी द्वारा किए गए दावों की सच्चाई क्या है, इसका पता भी जांच के बाद चलेगा।यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल या डेटिंग प्लेटफॉर्म पर हुई पहचान के बाद किसी व्यक्ति के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
खासकर शादी, नौकरी, सरकारी संपर्क, जांच एजेंसी की कार्रवाई या किसी आपात स्थिति का हवाला देकर पैसे मांगे जाएं, तो किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।












