close
LIVE UPDATE

पारा शिक्षकों पर FIR : BEEO के साथ पारा शिक्षकों ने किया पंगा, स्कूल पहुंचे अधिकारी से विवाद व धमकी, पारा शिक्षकों पर दर्ज हुई FIR

जामताड़ा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जगवाडीह में सरकारी काम में बाधा और धमकी के आरोप में दो पारा शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। स्कूल की सामग्री गायब और अधूरे भवन को लेकर भी जांच शुरू।

Para Teacher FIR। दो पारा शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामला जामताड़ा जिले का है, जहां नारायणपुर थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय जगवाडीह में सरकारी काम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। शिक्षा विभाग के एक पदाधिकारी ने दो पारा शिक्षकों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, दूसरे शिक्षक के योगदान का विरोध करने और धमकी देने का आरोप लगाया है।

मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।लेकिन इस पूरे मामले में सिर्फ शिक्षक के योगदान का विवाद ही चर्चा में नहीं है। स्कूल से सरकारी सामान गायब होने और अधूरे भवन निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। ऐसे में अब जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरकारी काम कराने पहुंचे बीईईओ, फिर शुरू हुआ विवाद

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) सर्किल मरांडी के अनुसार वह उत्क्रमित मध्य विद्यालय जगवाडीह में सरकारी कार्य के सिलसिले में पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर पारा शिक्षक मो. फारुका अंसारी और मो. नौशाद अंसारी ने सरकारी काम का विरोध किया।

शिकायत के अनुसार, दोनों ने एक अन्य शिक्षक को विद्यालय में योगदान करने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।बीईईओ ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि विरोध के दौरान उन्हें धमकी दी गई और जान से मारने की धमकी तक दी गयी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

थाने पहुंचा मामला, दो पारा शिक्षक नामजद

विवाद के बाद बीईईओ के आवेदन पर नारायणपुर थाना में कांड संख्या 178/2026 दर्ज किया गया है।मामले में मो. फारुका अंसारी और मो. नौशाद अंसारी को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 221, 224, 316, 351(3) एवं 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी एएसआई अजय कुमार को सौंपी गयी है।हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।

अब स्कूल के सामान का भी खंगाला जाएगा हिसाब

मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। बीईईओ के अनुसार विद्यालय से सरकारी सामान गायब है। इसमें बर्तन, कुर्सी और अन्य सामग्री शामिल होने की बात कही गयी है।यहीं से मामला और पेचीदा हो जाता है।स्कूल की सरकारी संपत्ति आखिर कहां गई? सामान कब गायब हुआ? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या इसका रिकॉर्ड विद्यालय में उपलब्ध है?इन सवालों के जवाब भी अब जांच में तलाशे जाएंगे।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अधूरा भवन बना एक और सवाल

विद्यालय के एक भवन के निर्माण को लेकर भी बीईईओ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि भवन का निर्माण आधा-अधूरा छोड़ दिया गया और निर्माण के लिए मिली राशि के इस्तेमाल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।हालांकि भवन निर्माण और राशि के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

शिक्षक विवाद से आगे बढ़ गया पूरा मामला

शुरुआत में मामला एक शिक्षक के विद्यालय में योगदान को लेकर विरोध और कथित धमकी का नजर आ रहा था। लेकिन अब इसमें सरकारी सामान के गायब होने और भवन निर्माण से जुड़े सवाल भी जुड़ गए हैं।यानी पुलिस और शिक्षा विभाग के सामने अब सिर्फ यह पता लगाने की चुनौती नहीं है कि सरकारी काम में किसने बाधा डाली।जांच में यह भी देखना होगा कि विद्यालय की संपत्ति का रिकॉर्ड क्या कहता है, सामान कब और कैसे गायब हुआ और अधूरे भवन के पीछे वास्तविक वजह क्या है।

बच्चों के स्कूल में अब सरकारी कामकाज की पड़ताल

विद्यालय वह जगह है जहां बच्चों के भविष्य की नींव तैयार होती है। लेकिन जगवाडीह स्कूल में फिलहाल पढ़ाई से इतर कई सवाल जांच के घेरे में हैं।एक तरफ शिक्षकों के बीच योगदान को लेकर विवाद है, दूसरी तरफ सरकारी काम में बाधा और धमकी की प्राथमिकी है। इसके साथ स्कूल की सामग्री और भवन निर्माण को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं।अब पुलिस जांच और विभागीय पड़ताल से ही सामने आएगा कि इस पूरे विवाद के पीछे वास्तविक कहानी क्या है।

पुलिस जांच के बाद खुलेगा पूरा राज

नारायणपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल दोनों नामजद पारा शिक्षकों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, स्कूल की सामग्री और भवन निर्माण से जुड़े आरोपों की भी जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।फिलहाल जगवाडीह स्कूल में सवाल कई हैं, लेकिन इनके जवाब जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिलेंगे।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *