दूध 8 रुपये प्रति लीटर महंगा : दिपावली के पहले लगा महंगाई का बड़ा झटका, कैबिनेट ने 8 रुपये प्रति लीटर दूध किया महंगा, जानिये इस राज्य में कितनी बढ़ गयी कीमतें

Nandini Milk Price Hike: महंगाई से परेशान आम लोगों को एक और झटका लगा है। दिपावली के पहले सरकार ने नंदिनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद एक झटके में 8 रुपये दूध महंगा हो जायेगा। कर्नाटक राज्य में कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके बाद नंदिनी दूध का मौजूदा दाम 46 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी। इस फैसले का सीधा असर राज्य में रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों के बजट पर पड़ सकता है।
1 नवंबर से महंगा मिलेगा नंदिनी दूध
कर्नाटक में नंदिनी ब्रांड का दूध अब पहले के मुकाबले अधिक कीमत पर मिलेगा। फिलहाल उपभोक्ताओं को एक लीटर दूध के लिए 46 रुपये चुकाने पड़ते हैं, लेकिन प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने के बाद इसकी कीमत 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।
इस तरह एक लीटर दूध खरीदने पर लोगों को 8 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। जो परिवार रोजाना 2 लीटर दूध खरीदते हैं, उनके खर्च में प्रतिदिन 16 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, महीने में 30 दिन के हिसाब से ऐसे परिवारों को करीब 480 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
कैबिनेट ने पहले ही दी थी प्रस्ताव को मंजूरी
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पहले ही कैबिनेट के सामने आ चुका था और इसे मंजूरी भी मिल गई थी। हालांकि, विधान परिषद (MLC) चुनाव और उस समय लागू आदर्श आचार संहिता के कारण इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।अब आचार संहिता हटने के बाद सरकार ने कीमत बढ़ाने के फैसले का ऐलान कर दिया है। नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को नंदिनी दूध खरीदने के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा।
किसानों की मांग पर बढ़ाए गए दूध के दाम
कर्नाटक सरकार के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि दूध उत्पादक किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां थीं। किसानों को राहत देने के लिए विधान परिषद में विभिन्न दलों के सदस्यों ने भी कदम उठाने की मांग की थी।
मंत्री के मुताबिक, दूध उत्पादक किसानों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। इसके अलावा, दूध सहकारी समितियां भी कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रही थीं। इन मांगों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने दूध उत्पादकों को मिलने वाली कीमत बढ़ाने का फैसला किया।
किसानों और सहकारी समितियों को क्या मिलेगा फायदा?
सरकार के फैसले के तहत दूध उत्पादक किसानों को मिलने वाली कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा, सहकारी समितियों को भी प्रति लीटर 1 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य दूध उत्पादक किसानों को राहत देना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए इसका मतलब दूध खरीदने पर बढ़ा हुआ खर्च होगा।
आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर
दूध रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल है। घरों में चाय, कॉफी, बच्चों के पोषण और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए इसका नियमित इस्तेमाल होता है। ऐसे में दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है।
खासतौर पर उन परिवारों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा, जहां रोजाना कई लीटर दूध खरीदा जाता है। नई कीमतें 1 नवंबर से लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी रोजमर्रा की खरीदारी पर अधिक खर्च करना होगा।











