रांची- एडवोकेट अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला: आरोपी पति गिरफ्तार, झारखंड हाईकोर्ट ने तेज जांच के दिए निर्देश
Ranchi - Death case of advocate Anushka Chakraborty: Accused husband arrested; Jharkhand High Court directs expedited investigation.

रांची: झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। हाईकोर्ट की सख्ती व पुलिस की सक्रियता के बीच गुरुवार को आरोपी पति की गिरफ्तारी हुई। अनुष्का की मौत के बाद से ही उनके परिजन आरोपी पति की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
मामले को लेकर अधिवक्ता समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी लगातार आवाज उठाई। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाने और डीएसपी रैंक के अधिकारी से जांच कराने का निर्देश दिया है।
गिरफ्तारी के बाद निष्पक्ष जांच की उम्मीद
आफको बता दें कि अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत को लेकर उनके परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए और सभी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जानी चाहिए, ताकि घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आ सके।
आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की दिशा और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। परिजनों और अधिवक्ता समुदाय की मांग है कि जांच में किसी तरह की लापरवाही न हो और यदि आरोप साबित होते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
फिरायालाल चौक पर निकाला गया था कैंडल मार्च
अनुष्का को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रांची के फिरायालाल चौक पर कैंडल मार्च निकाला गया था। इस दौरान परिजनों, अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। घटना को लेकर लगातार उठ रही आवाज के बीच अब आरोपी पति की गिरफ्तारी को मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, 2 नवंबर को अगली तारीख
इससे पहले सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जांच को लेकर अंडरटेकिंग दी थी। अदालत को बताया गया कि पहले मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर (एसआई) स्तर के अधिकारी कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जांच में तेजी लाने और अगली सुनवाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को सुबह 11:30 बजे निर्धारित की गई है। अदालत की निगरानी में जांच की प्रगति और पुलिस की ओर से जुटाए गए साक्ष्य आगे की कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
पोस्टमार्टम को लेकर भी उठाए गए सवाल
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अनुष्का की मौत को संदिग्ध बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की गई। प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि घटना के तीन घंटे के भीतर मृतका का दो बार पोस्टमार्टम कराया गया था। इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए।अधिवक्ता ने यह दावा भी किया कि मृतका का पैर जमीन को छू रहा था और उनके शरीर पर चोट के निशान थे। इन तथ्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
न्याय की उम्मीद में परिजन
आरोपी पति की गिरफ्तारी के बाद अनुष्का के परिजनों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाएगा। परिजनों की मांग है कि जांच के दौरान सभी परिस्थितियों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जाए।
अब इस मामले में पुलिस की जांच, अदालत में पेश की जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट और आगामी सुनवाई पर सबकी नजरें रहेंगी। परिजनों एवं अधिवक्ता समुदाय की मांग है कि मामले में पारदर्शिता बरती जाए और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।












