झारखंड में टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन, वीडियो बनाने वाली सहिया को मिली धमकी, आंदोलन की चेतावनी

हजारीबाग/केरेडारी 28 दिसंबर :झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हजारीबाग जिले का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) केरेडारी इन दिनों पूरे राज्य में सुर्खियों में बना हुआ है। मामला बेहद गंभीर है—यहां बिजली न होने पर जनरेटर चलाने के बजाय टॉर्च और मोबाइल की फ्लैश लाइट में महिलाओं का परिवार नियोजन (नसबंदी) ऑपरेशन किया गया।
इस घोर लापरवाही का वीडियो सामने आने के बाद जहां प्रशासन में हड़कंप मच गया है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि व्यवस्था सुधारने के बजाय, इस सच को सामने लाने वाली सहिया (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) पर ही गाज गिराने की तैयारी की जा रही है।
सियासत गरमाई: बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना
इस घटना ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो साझा करते हुए राज्य सरकार की आलोचना की है। उन्होंने इसे राज्य की लचर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण बताते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। विपक्ष का कहना है कि सुदूरवर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं।
सहिया सरिता देवी का गंभीर आरोप: ‘मंत्री तक है पहुंच’
टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन का वीडियो वायरल करने वाली सहिया सरिता देवी को विभाग द्वारा ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया गया है। इसके जवाब में सरिता देवी ने एक और वीडियो साझा कर अपनी आपबीती सुनाई है और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सरिता देवी ने कहा, “अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने पर मुझे नोटिस दिया गया है। नोटिस देने वालों ने मुझे धमकाते हुए कहा है कि उनकी पहुंच सीधे स्वास्थ्य मंत्री तक है। मुझे नौकरी से निलंबित (Suspend) करने की धमकी भी दी जा रही है।”
सोमवार से आंदोलन की चेतावनी
प्रशासन के इस रवैये से नाराज सहिया संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सरिता देवी और उनके समर्थन में आई अन्य सहियाओं ने रविवार को चेतावनी दी है कि यदि उन्हें प्रताड़ित करना बंद नहीं किया गया, तो सोमवार से वे लोग काम बंद कर देंगी। यदि ऐसा होता है, तो ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण और प्रसव जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
मामले को लेकर हजारीबाग सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने कहा कि केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने अपने अधिकार के अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया है. किसी तरह की धमकी नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से ऑडियो टेप कर सार्वजनिक किया जा रहा है, इसमें सहिया की गलती है. पहले भी एक बार गलती की जा चुकी है और फिर से सहिया बातचीत को वायरल कर रही हैं. जो एक गलत परिपाटी की शुरुआत है. सिविल सर्जन ने कहा कि स्पष्टीकरण के जवाब के बाद कुछ कहा जा सकता है.








