झारखंड में होगा बड़ा ‘खेला’? 20 दिन में JMM-BJP की बनेगी सरकार! कांग्रेस नेता के दावे से राजनीति भूचाल
A big 'game' will take place in Jharkhand? A JMM-BJP government will be formed in 20 days! A Congress leader's claim causes a political uproar.

रांची/14.2.26: झारखंड की राजनीति में अचानक तूफान आ गया है! क्या राज्य में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदलने वाला है? क्या अगले 20 दिनों में हम हेमंत सोरेन की पार्टी (JMM) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक साथ सरकार चलाते देखेंगे? यह हम नहीं, बल्कि कांग्रेस के ही एक दिग्गज नेता दावा कर रहे हैं।
क्या है दावे के पीछे की ‘इनसाइड स्टोरी’?
कांग्रेस के कद्दावर नेता के.एन. त्रिपाठी ने एक सनसनीखेज बयान देकर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। त्रिपाठी का दावा है कि:
- अमित शाह ने ‘हरी झंडी’ दिखा दी है।
- अंदरखाने सबकुछ तय हो चुका है।
- महज 20 दिन के भीतर झारखंड में JMM-BJP गठबंधन की नई सरकार शपथ ले सकती है।
जादुई आंकड़े: कैसे फिट बैठ रहा है समीकरण?
अगर राजनीति को सिर्फ गणित के चश्मे से देखें, तो त्रिपाठी का दावा हवाई नहीं लगता। नई सरकार का रास्ता बेहद आसान दिखता है:
- JMM के पास: 34 विधायक
- BJP के पास: 21 विधायक
- कुल जोड़: 55 विधायक (जो बहुमत के जादुई आंकड़े से काफी ज्यादा है)
अभी JMM (34) और कांग्रेस (16) मिलकर 50 विधायकों के साथ सरकार चला रहे हैं, लेकिन अगर JMM का ‘कमल’ के साथ गठबंधन होता है, तो यह सरकार और भी प्रचंड बहुमत वाली होगी।
बयान या बकवास? पार्टियों ने झाड़ा पल्ला
त्रिपाठी के इस ‘एटम बम’ जैसे बयान पर जहां सियासी पंडित गुणा-भाग में जुट गए हैं, वहीं पार्टियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है:
- झामुमो (JMM): पार्टी ने इसे “बेबुनियाद” बताया है। उनका कहना है कि यह एक पूर्व मंत्री का निजी बयान है, जिसका मकसद सिर्फ खुद के लिए फायदा उठाना है।
- भाजपा (BJP): भाजपा प्रवक्ता ने इसे “कोरी कल्पना” करार दिया। उन्होंने कहा, “झामुमो और भाजपा नदी के दो किनारे हैं, जो कभी नहीं मिल सकते। हमारी विचारधारा में जमीन-आसमान का फर्क है।”
राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि भले ही पार्टियां इसे नकार रही हों, लेकिन राजनीति में ‘न’ का मतलब हमेशा ‘न’ नहीं होता। के.एन. त्रिपाठी का यह दावा सिर्फ हवा-हवाई है या वाकई झारखंड में कोई बड़ी ‘खिचड़ी’ पक रही है, यह तो अगले 20 दिनों में साफ हो जाएगा।








