बड़ी खबर: दहेज लेने वाले व पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाले पुलिसकर्मी होंगे बर्खास्त! डीजीपी ने कहा, इन्हें नौकरी में रहने का हक नहीं, बोले, कैसे लोग हैं, रेप पीड़िता से भी ले लेते हैं पैसे
Big news: Police officers who take dowry or remarry while their first wife is alive will be dismissed! The DGP said, "They have no right to remain in their jobs." He added, "What kind of people are they? They even take money from rape victims."

Regional News: दहेज लेने और पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाले पुलिसकर्मियों पर बर्खास्तगी की गाज गिर सकती है। ये संकेत बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने दी है। डीजीपी ने पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, अनैतिक आचरण और संवेदनहीन व्यवहार को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को सरदार पटेल भवन में घरेलू और जेंडर आधारित हिंसा विषय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान बिहार डीजीपी ने महिला थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वर्दी की आड़ में रौब दिखाने, पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार करने और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों में शामिल पुलिसकर्मियों को सेवा में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने पुलिस महकमे के भीतर बढ़ती अनियमितताओं और दहेज प्रथा में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के कई जवान और अधिकारी दहेज उत्पीड़न के मामलों में शामिल पाए गए हैं और अब तक करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग दहेज जैसी कुरीति में शामिल हैं, उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिए।विनय कुमार ने महिला थानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि थानों में मदद की उम्मीद लेकर आने वाली महिलाओं के साथ कई बार पुलिसकर्मियों का व्यवहार बेहद कठोर और अहंकारी होता है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्दी और पिस्टल उन्हें जनता पर रौब झाड़ने के लिए नहीं दी गई है। पुलिसकर्मियों को पीड़ितों से बेहद संवेदनशील और नरम तरीके से बात करनी चाहिए ताकि पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षा और भरोसे का एहसास हो सके।डीजीपी ने अपने संबोधन में सीतामढ़ी के एक मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी ने दरोगा बनने के बाद अपनी पहली पत्नी को छोड़ दूसरी शादी कर ली थी।
इस मामले पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को पुलिस सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने संबंधित एसपी के रवैये पर भी सवाल उठाए और कहा कि सिर्फ लाइन हाजिर करना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। ऐसे मामलों में तत्काल निलंबन और सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
इसके अलावा डीजीपी ने मोतिहारी के एक मामले का जिक्र किया, जहां एक पुलिस अधिकारी पर पीड़ित पक्ष से पैसे और गाड़ी मांगने का आरोप लगा था। इस पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई पुलिस अधिकारी इस तरह की हरकत करता है तो उसे शर्म से डूब मरना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा समाज की रक्षा और न्याय दिलाने के लिए है, न कि निजी लाभ और दबाव बनाने के लिए।
डीजीपी के इस सख्त बयान के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में विभागीय अनुशासन और पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर और सख्ती देखने को मिल सकती है। पुलिस मुख्यालय अब ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा सकता है।








