Sawan Somwar 2026: 3 अगस्त को पहला सावन सोमवार, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, क्या करें और किन बातों से बचें
3 अगस्त 2026 को पहला सावन सोमवार है। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, शिवलिंग अभिषेक की विधि, व्रत के नियम, क्या करें, क्या न करें और भगवान शिव को प्रसन्न करने के आसान उपाय।

Sawan first monday : सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। साल 2026 का पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। सावन का पहला सोमवार हर किसी के लिए काफी अहम होता है। खासकर महिलाएं सावन के पहले सोमवार को लेकर काफी तैयारियां करती है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा, जलाभिषेक और व्रत करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं पहले सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, क्या करें और किन कार्यों से बचना चाहिए।
पहला सावन सोमवार कब है?
• पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
• दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
• तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
• चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
3 अगस्त 2026: पहले सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त
सुबह के शुभ मुहूर्त
• सूर्योदय: सुबह 5:42 बजे
• अमृत चौघड़िया: सुबह 5:42 बजे से 7:25 बजे तक
• शुभ चौघड़िया: सुबह 9:05 बजे से 10:46 बजे तक
• लाभ चौघड़िया: दोपहर 3:49 बजे से शाम 5:30 बजे तक
शाम के शुभ मुहूर्त
• सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
• अमृत चौघड़िया: शाम 5:30 बजे से 7:12 बजे तक
• प्रदोष काल: शाम 6:26 बजे से 7:56 बजे तक
पहले सावन सोमवार की पूजा विधि
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।
फिर शिवलिंग पर क्रमशः:
• गंगाजल या शुद्ध जल अर्पित करें।
• पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करें।
• दोबारा स्वच्छ जल से स्नान कराएं।
• बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक (मदार) के फूल, चंदन, अक्षत और मौसमी फल अर्पित करें।
• धूप-दीप जलाकर आरती करें।
पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। यदि संभव हो तो महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव महिम्न स्तोत्र का भी पाठ करें।
भगवान शिव को कैसे करें प्रसन्न?
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन सोमवार पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए—
• तांबे के लोटे से जलाभिषेक करें।
• पंचामृत से अभिषेक करें।
• साबुत और बिना कटे हुए बेलपत्र चढ़ाएं।
• शमी के पत्ते, धतूरा, भांग और आक के फूल अर्पित करें।
• “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
• जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या दान दें।
सावन सोमवार पर क्या करें?
• सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
• शिवलिंग पर जल और गंगाजल चढ़ाएं।
• बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
• पूरे दिन सात्विक भोजन और शुद्ध आचरण रखें।
• भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करें।
• गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।
इन कार्यों से करें परहेज
पहले सावन सोमवार के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
• मांस, मछली, अंडा और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
• शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहें।
• झूठ, क्रोध और अपशब्दों का प्रयोग न करें।
• किसी का अपमान या अनादर न करें।
• बेलपत्र कटे-फटे या खंडित न चढ़ाएं।
• पूजा के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखें।
पहले सावन सोमवार का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने वाले भक्तों पर भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई आराधना से सुख-शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।








