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झारखंड में 10 हजार शिक्षकों को मिलेगा वित्तीय लाभ, जानिये किन-किन शिक्षकों को मिलेगा फायदा, पढ़िये

सुप्रीम कोर्ट में SLP खारिज होने के बाद झारखंड सरकार ने 2019 का संकल्प बदल दिया है। अब मृत और सेवानिवृत्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को भी ग्रेड-1 के वित्तीय लाभ मिलेंगे। वहीं JSSC ने कक्षपाल भर्ती के 57,113 आवेदन रद्द कर दिए।

रांची: झारखंड के हजारों अप्रशिक्षित शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज होने के बाद अब झारखंड सरकार ने वर्ष 2019 के उस विवादित संकल्प में संशोधन कर दिया है, जिसके कारण मृत और सेवानिवृत्त अप्रशिक्षित शिक्षक ग्रेड-1 के वित्तीय लाभ से वंचित थे। अब सरकार ने इस शर्त को हटा दिया है, जिससे पात्र शिक्षकों या उनके आश्रितों को नियमानुसार वित्तीय लाभ मिल सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट के बाद सरकार ने बदला 2019 का संकल्प

अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नया संकल्प जारी कर वर्ष 2019 के उस प्रावधान को समाप्त कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि यदि शिक्षक की मृत्यु हो चुकी है या वह सेवानिवृत्त हो चुका है तो उसे ग्रेड-1 से जुड़े वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे।यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट में सरकार को राहत नहीं मिलने के बाद लिया गया है।राज्य में लगभग 8 से 10 हजार ऐसे शिक्षक हैं, जो इससे लाभान्वित होंग।

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एक शिक्षक को 5 से 15 लाख रुपए तक का वित्तीय लाभ मिल सकता है. वर्ष 1982 से 2012 तक वैसे शिक्षक नियुक्त हुए थे, जो नियुक्ति के समय अप्रशिक्षत थे. इन शिक्षकों ने सेवाकालीन प्रशिक्षण पाया था. इनको वर्ष 2019 में नियुक्ति तिथि से ग्रेड वन में प्रोन्नति और वित्तीय लाभ देने का निर्णय लिया गया था।

विभाग द्वारा वर्ष 2019 में जारी पत्र में कहा गया था कि वैसे शिक्षक जो पत्र जारी होने के पूर्व सेवानिवृत्त हो गए हैं या उनका निधन हो गया है, उन्हें वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे शिक्षकों ने याचिका दायर की थी. अब विभाग ने शिक्षकों को भी ग्रेड वन में नियुक्ति तिथि से प्रोन्नति के साथ-साथ वित्तीय लाभ देने का पत्र जारी किया है.

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क्या था पूरा मामला?

झारखंड सरकार ने वर्ष 2015 में 1987, 1988, 1994 और 1999-2000 में नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-1 वरीयता देने का निर्णय लिया था।
इसके बाद अन्य वर्षों में नियुक्त शिक्षकों ने भी समान लाभ की मांग करते हुए अदालत का रुख किया। सरकार ने 2019 में लाभ का दायरा बढ़ाया, लेकिन यह शर्त जोड़ दी कि मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा।

झारखंड हाईकोर्ट ने 19 सितंबर 2023 को इस शर्त को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया। सरकार ने पहले एलपीए और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार सरकार को अपना संकल्प संशोधित करना पड़ा।

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किन शिक्षकों को मिलेगा लाभ?

नए आदेश के तहत अब निम्नलिखित श्रेणी के पात्र शिक्षकों को लाभ मिलेगा—
• वर्ष 1982, 1983, 1984, 1986, 1987, 1988, 1994 और 1999-2000 में नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षक।
• वर्ष 2012 तक अनुकंपा के आधार पर नियुक्त पात्र शिक्षक।
• यदि शिक्षक की मृत्यु हो चुकी है तो आश्रित आवेदन कर सकेंगे।
• सेवानिवृत्त शिक्षक भी विभाग में दावा प्रस्तुत कर सकेंगे।

क्या है ग्रेड-1 और क्यों है महत्वपूर्ण?

ग्रेड-1 सरकारी प्रारंभिक विद्यालय के शिक्षकों का पहला प्रोन्नति ग्रेड होता है। इसका सीधा प्रभाव—
• वेतनमान
• वरिष्ठता
• अगली प्रोन्नति
• पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ
पर पड़ता है।
पूरा विवाद इस बात पर था कि अप्रशिक्षित शिक्षकों की वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से मानी जाए या प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से। अदालतों ने नियुक्ति तिथि को ही सही आधार माना।

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नेहा वर्मा

नेहा वर्मा डिजिटल मीडिया की नब्ज पहचानती हैं। वे hpbltop.com पर ट्रेंडिंग टॉपिक्स और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों को कवर करती हैं। नेहा का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर फैल रही अफवाहों के बीच पाठकों तक सच पहुँचाना है। वे खबरों की फैक्ट-चेकिंग (Fact-Checking) में विशेष रुचि रखती हैं और सुनिश्चित करती हैं कि हर वायरल खबर के पीछे की सच्चाई सामने आए।
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