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तनाव कम करने के 5 आसान तरीके: रोजाना अपनाएं ये आदतें, दिमाग रहेगा शांत

तनाव कम करने के आसान और असरदार तरीके जानें। गहरी सांस, मेडिटेशन, स्क्रीन ब्रेक, प्रकृति के बीच समय और हॉबी से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।रोजमर्रा की भागदौड़ और काम के दबाव से तनाव बढ़ सकता है। जानिए गहरी सांस, मेडिटेशन, स्क्रीन ब्रेक और हॉबी जैसी 5 आसान आदतें, जो मन को शांत रखने में मदद कर सकती हैं।

Health Tips : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन गया है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, लगातार बदलती परिस्थितियां और हर समय मोबाइल या न्यूज देखते रहना मानसिक थकान बढ़ा सकता है। तनाव का असर सिर्फ मूड पर ही नहीं, बल्कि नींद, एकाग्रता और शरीर पर भी पड़ सकता है। मेडिकल साइंस में तनाव को कई बीमारियों की वजह भी कहा जाता है। ऐसे में ये सलाह दी जाती है कि तनाव कम से कम लिया करो।

हालांकि, रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटी-छोटी आदतों को शामिल करके तनाव को कम करने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है। इसके लिए आपको घंटों अलग से समय निकालने की जरूरत नहीं है। कुछ मिनट की गहरी सांस, थोड़ी देर प्रकृति के बीच समय या अपनी पसंद का काम भी राहत दे सकता है।

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1. गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं
जब तनाव महसूस हो तो कुछ मिनट के लिए धीमी और गहरी सांस लेने पर ध्यान दें। आराम से बैठें, नाक से धीरे-धीरे सांस लें और फिर आराम से सांस छोड़ें। कुछ मिनट तक सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से आपका ध्यान परेशान करने वाले विचारों से हटाने में मदद मिल सकती है।इसे ऑफिस या काम के बीच छोटे ब्रेक के दौरान भी किया जा सकता है।

2. रोज 5 से 10 मिनट मेडिटेशन करें
मेडिटेशन के लिए घंटों बैठना जरूरी नहीं है। शुरुआत रोजाना सिर्फ 5 से 10 मिनट से की जा सकती है। शांत जगह पर बैठकर आंखें बंद करें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।अगर इस दौरान विचार आते हैं तो उनसे लड़ने की कोशिश न करें। धीरे से अपना ध्यान दोबारा सांसों पर ले आएं। नियमित अभ्यास माइंडफुलनेस विकसित करने में मदद कर सकता है।

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3. स्क्रीन से कुछ देर दूरी बनाएं
मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन पर लगातार समय बिताने से मानसिक थकान महसूस हो सकती है। इसलिए बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाकर कुछ देर दूर देखें, थोड़ा टहलें या आंखों को आराम दें।खासकर रात में सोने से पहले लगातार फोन देखने की आदत कम करना और उसकी जगह कोई शांत गतिविधि अपनाना रिलैक्सेशन में मदद कर सकता है।

4. खुली हवा और प्रकृति के बीच समय बिताएं
तनाव महसूस होने पर कुछ समय पार्क में टहलना, पेड़-पौधों के बीच बैठना या खुली हवा में समय बिताना अच्छा विकल्प हो सकता है। धीमी गति से टहलते हुए आसपास के वातावरण पर ध्यान देने से रोजमर्रा की भागदौड़ से थोड़ी मानसिक दूरी बनाने में मदद मिल सकती है।इसे सुबह की वॉक या शाम की हल्की सैर का हिस्सा बनाया जा सकता है।

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5. अपनी पसंद की हॉबी के लिए समय निकालें
तनाव कम करने के लिए अपनी पसंद की गतिविधियों को नजरअंदाज न करें। म्यूजिक सुनना, किताब पढ़ना, पेंटिंग, गार्डनिंग, लिखना या खाना बनाना जैसी हॉबी मन को रोजमर्रा के तनाव से ब्रेक दे सकती हैं।इसके लिए ज्यादा समय निकालना भी जरूरी नहीं है। रोजाना 15 से 20 मिनट अपनी पसंद के काम के लिए देना आपको मानसिक रूप से तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकता है।

लंबे समय तक तनाव को नजरअंदाज न करें

कभी-कभार तनाव होना सामान्य हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक अत्यधिक तनाव बने रहने पर चिंता, नींद में परेशानी, सिरदर्द और एकाग्रता से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। लगातार तनाव रहने पर व्यक्ति को चीजों को याद रखने और ध्यान केंद्रित करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है।इसके अलावा, लंबे समय तक रहने वाला गंभीर तनाव हृदय और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को प्रभावित कर सकता है। अगर तनाव लगातार बना हुआ है, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं या लक्षण गंभीर हैं, तो किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

तनाव के कुछ सबसे आम शारीरिक लक्षणों में शामिल हैं:

• सिरदर्द या माइग्रेन
• कंधों में जकड़न, जबड़े में दर्द या पीठ में दर्द
• पेट खराब होना, मतली, पेट फूलना या अपच होना
• तेज़ दिल की धड़कन या सीने में बेचैनी
• पसीना आना या कांपना
• नींद की कमी या रात में बार-बार जागना
• आराम करने के बावजूद थकान महसूस होना
• भूख में परिवर्तन
• त्वचा पर होने वाली समस्याएं जैसे कि मुंहासे या चकत्ते

 

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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