झारखंड: वेतनवृद्धि, बीमा और अनुकंपा नियुक्ति सहित कई मांगों पर मुख्यमंत्री को पत्र, शिक्षा परियोजनाकर्मियों ने लगाई गुहार, 7वें वेतनमान और सेवा सुरक्षा की मांग

गुमला। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के जिला और प्रखंड स्तर पर कार्यरत परियोजनाकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सामूहिक आवेदन सौंपा है। परियोजना कर्मियों ने सातवें वेतनमान के आधार पर मासिक परिलब्धि का पुनर्निर्धारण करने, वेतन विसंगतियां दूर करने और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इसके अलावा स्वास्थ्य एवं समूह बीमा, अनुकंपा नियुक्ति, प्रोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है।परियोजनाकर्मियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 25 वर्षों से राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
सरकारी शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यालयों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित वेतन संरचना और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
सातवें वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण की मांग
परियोजनाकर्मियों ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी वर्तमान मासिक परिलब्धि की व्यवस्था वर्ष 1998 में निर्धारित चतुर्थ वेतनमान आधारित संरचना से जुड़ी हुई है। समय के साथ महंगाई बढ़ी है और पारिवारिक जिम्मेदारियों में भी वृद्धि हुई है, लेकिन परिलब्धि में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है।
इसी को देखते हुए कर्मियों ने सातवें वेतनमान के आधार पर मासिक परिलब्धि का पुनर्निर्धारण करने की मांग की है। साथ ही नियमित वेतनवृद्धि लागू करने और समय-समय पर परिलब्धि की समीक्षा कर संशोधन करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य बीमा और अनुकंपा नियुक्ति की सुविधा मिले
परियोजनाकर्मियों ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य बीमा, समूह जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन सुविधाओं से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बीमारी, दुर्घटना या किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।इसके अलावा सेवाकाल के दौरान किसी कर्मी की मृत्यु होने पर नियमानुसार पात्र आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने की व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया गया है।
लंबे समय से कार्यरत कर्मियों के लिए प्रोन्नति की मांग
आवेदन में लंबे समय से सेवा दे रहे और योग्य परियोजनाकर्मियों के लिए आंतरिक प्रोन्नति की व्यवस्था लागू करने की मांग भी शामिल है। कर्मियों ने निर्धारित सेवाकाल के आधार पर वित्तीय उन्नयन का लाभ देने की अपील की है।उनका मानना है कि स्पष्ट प्रोन्नति व्यवस्था और नियमित वित्तीय उन्नयन से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। इससे वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
परियोजनाकर्मियों ने 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही सेवा पुस्तिका का संधारण, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश के नकदीकरण और अतिरिक्त सेवानिवृत्ति सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार करने का आग्रह किया है।
कर्मियों ने समान पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के बीच वेतन विसंगतियों को दूर करने और पारदर्शी सेवा नियमावली तैयार करने की जरूरत भी बताई है। उनका कहना है कि स्पष्ट सेवा नियम होने से कर्मचारियों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी।
मुख्यमंत्री से विभागीय स्तर पर पहल करने की मांग
परियोजनाकर्मियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सभी मांगों की समीक्षा कर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की अपील की है।अब इन मांगों पर राज्य सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर परियोजनाकर्मियों की नजर रहेगी। यदि वेतन पुनर्निर्धारण, सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मांगों पर निर्णय लिया जाता है, तो इससे लंबे समय से कार्यरत परियोजनाकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है।












