Dhanbad News: गर्भपात के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, SDM और सिविल सर्जन की जांच से मचेगी हलचल!
Dhanbad News: गर्भपात के दौरान महिला की मौत, दो गिरफ्तार, जांच तेज

धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र में कथित अवैध गर्भपात के दौरान 26 वर्षीय महिला किरण कुमारी की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने उपचार में लापरवाही और अवैध तरीके से गर्भपात कराए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित सेंटर को सील कर दिया गया है।
श्यामडीह चौक में हुई घटना
मिली जानकारी के अनुसार, घटना कतरास थाना क्षेत्र के श्यामडीह चौक स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर की है। मृतका किरण कुमारी बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के चलकरी की रहने वाली थीं। बताया गया है कि उनके पति सोनू केवट उन्हें इलाज के लिए धनबाद लेकर आए थे।
मृतका के पिता राजेंद्र केवट ने पुलिस को लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि गर्भपात की प्रक्रिया के दौरान किरण की तबीयत बिगड़ गई। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई। इसके बाद उन्हें नजदीकी संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार की शिकायत में उपचार की प्रक्रिया और संबंधित सेंटर की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भ्रूण के लिंग की कथित जांच के बाद गर्भपात कराए जाने का आरोप भी सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
पुलिस ने की कार्रवाई, दो गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक सचिन केवट और मृतका के पति सोनू केवट को गिरफ्तार किया है। संबंधित सेंटर को भी सील कर दिया गया है। जांच के लिए रांची से फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब घटना की परिस्थितियों, गर्भपात की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारण और आरोपों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने निजी चिकित्सा केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा, योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आखिर बिना वैध कागजात और मानक के बिना कैसे मरीज के शरीर से छेड़छाड़ की जा रही थी।यदि जांच में अवैध चिकित्सा प्रक्रिया या लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी होगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच के निष्कर्ष और चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।












