Jharkhand News: झारखंड में D.Pharm परीक्षा और फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक, स्वास्थ्य विभाग का बड़ा आदेश जारी, JPSC -JSSC की तरह फार्मेसी छात्रों का भविष्य अधर में…
Jharkhand D.Pharm Exam: फार्मेसी परीक्षा और रजिस्ट्रेशन पर रोक, स्वास्थ्य विभाग का आदेश

रांची: झारखंड में JPSC -JSSC घोटाले के बाद ant अन्य परीक्षा पपर भी संकट के बादल गहरा गए है।मतलब साफ है राज्य के युवाओं का भविष्य अंधकार में है। न तो समय पर परीक्षा , न तो पारदर्शी परीक्षाफल, नौकरी की सीट बेचना आम हो गई है। फार्मेसी के छात्र अब न तो परीक्षा दे सकेंगे न ही निबंधन करा सकेंगे। क्योंकि निबंधन के बिना न तो स्वरोजगार कर सकेंगे न ही नौकरी कर सकेंगे।
लगातार विवादों में रहने वाला राज्य का फार्मेसी काउंसिल के सारे कामकाज पर अब रोक लगा दी गई है।अब डिप्लोमा इन फार्मेसी (D.Pharm) की परीक्षा और फार्मासिस्टों के निबंधन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्देश जारी किया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल को अगले आदेश तक परीक्षा आयोजन और फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी गतिविधियों को स्थगित रखने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में विभाग के संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद ने 29 अक्टूबर 2026 को झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल, बरियातू, रांची के अध्यक्ष को पत्र जारी किया है। पत्रांक 08/फार्मेसी-08-12/2025 तथा ज्ञापांक 298(8) के तहत यह आदेश दिया गया है।
पूर्व रजिस्ट्रार को हटाने के बाद मामला हाईकोर्ट में लंबित
विभागीय पत्र के अनुसार, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के तत्कालीन निबंधक-सह-सचिव प्रशांत कुमार पांडेय के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों की समीक्षा के बाद राज्यहित में कार्यालय आदेश संख्या 237(8), दिनांक 17 अगस्त 2026 के माध्यम से उन्हें पदमुक्त करने का निर्णय लिया गया था। अब ये मामला जब तक साफ नहीं होता तबतक छात्रों का भविष्य अंधकार में है।इस आदेश के खिलाफ प्रशांत कुमार पांडेय ने झारखंड Highcourt में W.P.(S) No. 6423/2026 दायर किया है।
मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित
Highcourt के आदेश के आलोक में विभाग का निर्देश
पत्र में 20 अगस्त 2026 को झारखंड हाईकोर्ट से प्राप्त आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि राज्य सरकार के अगले आदेश तक अथवा हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में स्पष्ट आदेश पारित किए जाने तक D.Pharm परीक्षा के आयोजन और फार्मासिस्टों के निबंधन से संबंधित किसी भी गतिविधि को स्थगित रखा जाए।
विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि:
डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति अगले आदेश तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं करेगी।
परीक्षा से संबंधित कोई नई गतिविधि निर्धारित, प्रारंभ या आगे संचालित नहीं की जाएगी।
फार्मासिस्टों के निबंधन से संबंधित सभी गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
परीक्षा समिति को निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
रोक की अवधि में इन निर्देशों के विपरीत कोई निर्णय या कार्रवाई नहीं की जाएगी।
फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष और सदस्यों को सख्त निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति को भी इसी अनुरूप निर्देशित किया गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि रोक की अवधि के दौरान इन निर्देशों के प्रतिकूल कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा और न ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
अब आगे क्या ?
इस आदेश के बाद झारखंड में D.Pharm परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और फार्मासिस्ट के रूप में निबंधन की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे लोगों को आगे के सरकारी एवं न्यायालयीन आदेश का इंतजार करना होगा।
फिलहाल यह रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा कब आयोजित होगी और फार्मासिस्टों का रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा, इस पर स्थिति हाईकोर्ट के आगामी आदेश और राज्य सरकार के अगले निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी। मामला साफ है कि JPSC -JSSC की तरह फार्मेसी के छात्र भी अधर में है।













