Cancer Medicine Price Cut: कैंसर की 397 दवाओं के दाम घटे, 217 ब्रांड की कीमत आधी से भी कम; 9 नवंबर से नई दरें लागू
Cancer Medicine Price Cut: NPPA ने कैंसर की 543 दवा ब्रांडों की MRP संशोधित की। 397 के दाम घटे, नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।

नई दिल्ली: कैंसर के मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। देश में कैंसर की 543 दवा ब्रांडों की अधिकतम खुदरा कीमतों (MRP) में संशोधन किया गया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की ओर से जारी सूची के अनुसार, इनमें से 397 ब्रांड की दवाओं के दाम घटाए गए हैं। खास बात यह है कि 217 ब्रांड की दवाओं की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती हुई है। वहीं, 97 ब्रांड की कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा और 50 ब्रांड की कीमतों में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। पांच ब्रांड की दवाओं के दाम 90 प्रतिशत से भी ज्यादा घटाए गए हैं। संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
Cancer Medicine Price Cut: 543 ब्रांड की दवाओं की कीमतों में बदलाव
NPPA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कैंसर की दवाओं की संशोधित MRP सूची में कुल 543 ब्रांड शामिल हैं। इनमें 397 ब्रांड की कीमतें कम की गई हैं। इस फैसले से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती हैं।
कैंसर का इलाज अक्सर लंबा चलता है और मरीजों को नियमित रूप से दवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती से मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सकता है।
हालांकि, हर दवा पर कीमत में कटौती का प्रतिशत अलग हो सकता है। इसलिए मरीजों को अपनी दवा के ब्रांड, पैक साइज और संशोधित MRP की जानकारी संबंधित आधिकारिक सूची से जांचनी चाहिए।
217 ब्रांड की दवाओं के दाम आधे से भी कम
NPPA की सूची के अनुसार, कीमतों में कटौती का असर कई दवा ब्रांडों पर पड़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:
• 543 ब्रांड: जिनकी MRP में संशोधन किया गया।
• 397 ब्रांड: जिनकी कीमतों में कमी की गई।
• 217 ब्रांड: जिनकी कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक घटीं।
• 97 ब्रांड: जिनकी कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा कटौती हुई।
• 50 ब्रांड: जिनकी कीमतों में 80 प्रतिशत से अधिक कमी आई।
• 5 ब्रांड: जिनकी कीमतें 90 प्रतिशत से ज्यादा घटाई गईं।
ये आंकड़े दवा ब्रांडों की संख्या दर्शाते हैं, न कि कैंसर की कुल दवाओं या मरीजों की संख्या को। वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि मरीज कौन-सी दवा इस्तेमाल कर रहा है और उसकी पुरानी तथा नई कीमत कितनी है।
137 कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर भी फैसला
कैंसर की दवाओं को किफायती बनाने के लिए NPPA ने 17 अक्टूबर 2026 को 137 ऐसी कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया था, जो मूल्य नियंत्रण की निर्धारित सूची में शामिल नहीं हैं।
इस कदम का उद्देश्य दवाओं की कीमतों में अत्यधिक व्यापारिक मार्जिन पर अंकुश लगाना और मरीजों को राहत देना है। इन दवाओं में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं शामिल हैं।इनमें स्तन और प्रोस्टेट कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली Denosumab तथा विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोग की जाने वाली Bevacizumab जैसी दवाएं भी शामिल हैं।

कैंसर की दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी जताई चिंता
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की ऊंची कीमतों का मुद्दा हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी उठा। 27 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान अदालत के सामने एक कैंसर इंजेक्शन का उदाहरण रखा गया। बताया गया कि जिस इंजेक्शन को मेडिकल डिस्ट्रीब्यूटर से लगभग 11,000 रुपये में खरीदा गया था, उसके लिए निजी अस्पताल में मरीज से 1.3 लाख रुपये का बिल लिया गया।इस बड़े अंतर पर अदालत ने सवाल उठाए। मामला दवाओं की खरीद कीमत और मरीजों से वसूली जाने वाली रकम के बीच अंतर से जुड़ा था।
इसी बीच NPPA ने कैंसर की दवाओं के ट्रेड मार्जिन को नियंत्रित करने और 543 ब्रांडों की संशोधित MRP जारी करने की कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि कीमतों में कटौती सीधे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के कारण हुई। इसके लिए दोनों घटनाक्रमों के बीच प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
मरीजों को कितनी राहत मिलेगी?
कैंसर के उपचार में दवाओं पर होने वाला खर्च परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकता है। कई मरीजों को लंबे समय तक दवाएं लेनी पड़ती हैं, जबकि कुछ उपचारों में महंगी इंजेक्शन और विशेष दवाओं की जरूरत होती है।ऐसे में जिन ब्रांडों की MRP में बड़ी कटौती हुई है, उनके मरीजों को दवा खरीदते समय राहत मिल सकती है।
हालांकि, सभी मरीजों की बचत एक जैसी नहीं होगी। यह उनकी निर्धारित दवा, ब्रांड, पैक साइज और पहले लागू MRP पर निर्भर करेगी।मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे दवा खरीदने से पहले नई MRP की जांच करें। डॉक्टर की सलाह के बिना निर्धारित दवा को बदलना या उपचार रोकना उचित नहीं है।
9 नवंबर से लागू होंगी संशोधित कीमतें
NPPA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 543 कैंसर दवा ब्रांडों की संशोधित MRP 9 नवंबर 2026 से लागू होगी। मरीज और उनके परिजन दवाओं की कीमतों की जानकारी के लिए NPPA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अधिसूचना और सूची देख सकते हैं।












