हाईकोर्ट : 45 साल की उम्र के बाद नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, हाईकोर्ट ने खारिज कर दी बेटी की याचिका, मां की मौत के बाद मांगी थी अनुकंपा नियुक्ति, पढ़िये कोर्ट ने क्या कहा..

Highcourt News : कर्मचारियों से जुड़ी अहम मांगों पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति पर लेकिन महिला याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने मां की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही 47 वर्षीय बेटी को राहत नहीं दी है। मामला छत्तीसगढ़ से जुड़ा है लेकिन ये फैसला कई याचिका के लिए नजीर बन गया है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ शासन की 14 जून 2013 की नीति के तहत अनुकंपा नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित है। इस सीमा से अधिक उम्र होने के कारण आवेदन निरस्त करने के विभागीय फैसले को अदालत ने गलत नहीं माना।
मां की मृत्यु के बाद मांगी थी अनुकंपा नियुक्ति
मामला बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी शांति सेठिया से जुड़ा है। उनकी मां शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सहायक के पद पर कार्यरत थीं। मां की कैंसर से मृत्यु होने के बाद शांति ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।हालांकि, विभाग ने आवेदन पर विचार करने के बाद निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक होने के आधार पर उसे निरस्त कर दिया। इसके बाद शांति ने विभागीय फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी और अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की।
परिवार में कमाने वाला कोई नहीं, बेटी ने दी यह दलील
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि परिवार में आजीविका चलाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है। शांति मृत कर्मचारी की इकलौती बेटी हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके मामले पर विशेष विचार किया जाना चाहिए।याचिकाकर्ता ने अपनी मांग के समर्थन में 22 नवंबर 2007 के परिपत्र का हवाला देते हुए अधिकतम आयु सीमा में छूट देने की मांग भी की।
राज्य सरकार ने नियमों का दिया हवाला
राज्य शासन की ओर से अदालत को बताया गया कि 14 जून 2013 की अनुकंपा नियुक्ति नीति के खंड 11 में संबंधित आवेदकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तय की गई है। शांति सेठिया निर्धारित आयु सीमा पार कर चुकी थीं, इसलिए उनका आवेदन नियमों के अनुसार निरस्त किया गया।सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि 22 नवंबर 2007 के परिपत्र में अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान मृत कर्मचारी की विधवा के लिए है। याचिकाकर्ता बेटी होने के कारण इस प्रावधान के तहत छूट की पात्र नहीं हैं।
हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
हाई कोर्ट ने मामले में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए लागू नीति में अधिकतम आयु सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित है। याचिकाकर्ता की उम्र 45 वर्ष से अधिक होने के कारण विभाग द्वारा आवेदन खारिज करने के फैसले में अदालत को कोई अवैधता नहीं मिली।अदालत ने यह भी माना कि विधवा के लिए निर्धारित आयु सीमा में छूट के प्रावधान का लाभ याचिकाकर्ता बेटी को नहीं दिया जा सकता। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने शांति सेठिया की याचिका खारिज कर दी।










