धनतेरस पर क्यों खरीदा जाता है तीन झाड़ू: धनतेरस पर सिर्फ झाड़ू खरीदना काफी नहीं! मां लक्ष्मी की कृपा के लिए इन 6 नियमों का रखें ध्यान
धनतेरस पर झाड़ू खरीदना स्वच्छता और समृद्धि से जुड़ी एक प्रचलित धार्मिक परंपरा है। मान्यता के अनुसार, नई झाड़ू के हैंडल पर सफेद धागा बांधना, उस पर पैर न लगाना, उसे सुरक्षित रखना और दिवाली पर मंदिर में दान करना शुभ माना जाता है।धनतेरस पर झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इससे जुड़ी कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। जानें तीन झाड़ू खरीदने, सफेद धागा बांधने और मंदिर में दान करने के नियम।

धनतेरस 2026: दीपावली से पहले मनाए जाने वाले धनतेरस का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी के साथ झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, ज्योतिष और लोक मान्यताओं में झाड़ू खरीदने से लेकर उसे घर में रखने और इस्तेमाल करने तक के कुछ नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि इन बातों का ध्यान रखने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की क्यों है परंपरा?
धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को स्वच्छता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि जिस घर में साफ-सफाई रहती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। इसी विश्वास के चलते धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदने की परंपरा प्रचलित है। लेकिन मान्यता के अनुसार, केवल झाड़ू खरीद लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी कुछ परंपराओं का पालन करना भी शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने के बाद अपनाएं ये 6 नियम
1. झाड़ू के हैंडल पर बांधें सफेद धागा
लोक मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर नई झाड़ू घर लाने के बाद उसके हैंडल पर सफेद रंग का धागा बांधना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
2. झाड़ू पर भूलकर भी न रखें पैर
झाड़ू को स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इसे पैर लगाना या जानबूझकर ठोकर मारना अशुभ समझा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि झाड़ू का अपमान करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। इसलिए झाड़ू को हमेशा सम्मान के साथ रखें।
3. झाड़ू खरीदते समय दिन का रखें ध्यान
कुछ ज्योतिषीय और लोक मान्यताओं में मंगलवार, शनिवार और रविवार को झाड़ू खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में इस संबंध में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। धनतेरस पर खरीदारी करते समय अपने परिवार की परंपरा और शुभ मुहूर्त का ध्यान रख सकते हैं।
4. तीन झाड़ू खरीदना माना जाता है शुभ
धनतेरस पर एक साथ तीन झाड़ू खरीदने की परंपरा भी प्रचलित है। इसे शुभ शगुन माना जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को दो या चार की संख्या में खरीदने के बजाय तीन की संख्या में खरीदना बेहतर माना जाता है। यह धार्मिक विश्वास है, कोई अनिवार्य नियम नहीं।
5. झाड़ू को खुले में न छोड़ें
नई झाड़ू को घर में लाने के बाद ऐसी जगह रखें, जहां वह बार-बार लोगों के पैरों में न आए। मान्यता है कि झाड़ू को ढककर या किसी सुरक्षित स्थान पर रखने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। व्यावहारिक रूप से भी इसे साफ और व्यवस्थित जगह पर रखना बेहतर है।
6. दिवाली पर मंदिर में झाड़ू दान करने की मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार, दिवाली के दिन मंदिर में झाड़ू दान करना शुभ माना जाता है। कुछ परंपराओं में इसके लिए सूर्योदय से पहले का समय बताया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। दान हमेशा श्रद्धा और अपनी सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
धनतेरस पर झाड़ू खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को भी नजरअंदाज न करें। ऐसी झाड़ू लें जो मजबूत हो और लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सके। नई झाड़ू को घर में लाने के बाद साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल करें और उसे ऐसी जगह रखें, जहां वह गंदी न हो।












