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लेडी दारोगा गिरफ्तार: 45000 रुपये घूस लेते दारोगा मैडम को ACB ने किया अरेस्ट, दहेज केस में ले रही थी पैसा, लेडी सिंघम के नाम से थी चर्चित, बहादूरी के किस्से थे चर्चाओं में, लेकिन अब…

Lady Inspector arrested: ACB arrested the Inspector madam while taking a bribe of Rs 45,000. She was taking money in a dowry case. She was famous as Lady Singham and her stories of bravery were in the news, but now...

Daroga Arrest News/ 14 जनवरी । महिला दारोगा को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। ACB की टीम ने छापेमारी कर 45000 रुपये लेते हुए दारोगा को रंगे हाथों पकड़ा है। थाने में हुई इस गिरफ्तारी से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। दारोगा को नाम भुवनेश्वरी सिंह है। जानकारी के मुताबिक यूपी के गाजियाबाद से ये गिरफ्तारी हुई है, जहां मेरठ एंटी करप्शन टीम ने 45 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि दहेज उत्पीड़न के एक मामले में नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। कुछ महीने पहले तक बहादुरी की मिसाल मानी जा रही यह महिला दारोगा अब पुलिस महकमे के लिए असहज सुर्खियों में है। दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी पक्ष को राहत देने और परिवार के अन्य सदस्यों का नाम केस से बाहर रखने के बदले रिश्वत मांगी गयी थी। 14 जनवरी को मेरठ एंटी करप्शन टीम ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें 45 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

बताया जा रहा है भुवनेश्वरी सिंह वर्तमान में गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र स्थित रिपोर्टिंग चौकी में तैनात थीं। वह मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली हैं और हाल के महीनों में अपने साहसिक कार्यों के चलते चर्चा में रही थीं। सितंबर 2025 में गाजियाबाद के सिहानी गेट इलाके में हुए एक बदमाश के एनकाउंटर में वह महिला पुलिसकर्मियों की उस टीम का हिस्सा थीं, जिसने एनकाउंटर को अंजाम दिया था। यह प्रदेश का पहला ऐसा एनकाउंटर था, जिसमें पूरी टीम महिला पुलिसकर्मियों की थी।

एनकाउंटर के बाद भुवनेश्वरी सिंह की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिसमें वह घायल बदमाश को कंधे पर उठाकर अस्पताल ले जाती नजर आ रही थीं। इस साहसिक कार्य के लिए पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने उन्हें सम्मानित भी किया था। उस समय मीडिया और सोशल मीडिया पर उन्हें “लेडी सिंघम” कहकर सराहा जा रहा था। लेकिन अब वही नाम भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सुर्खियों में है।

रिश्वतखोरी का ये पूरा विवाद साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन निवासी रामपाल सैनी के परिवार से जुड़ा है। रामपाल के बेटे के खिलाफ उसकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इस केस की जांच दारोगा भुवनेश्वरी सिंह के पास थी। आरोप है कि जांच के दौरान उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को मामले से बाहर रखने और राहत दिलाने के बदले एक लाख रुपये की मांग की। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देने और काफी मिन्नतों के बाद यह सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ।

इस पूरे मामले से परेशान पीड़ित ने एंटी करप्शन विभाग से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद मेरठ एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार मंगलवार को पीड़ित 45 हजार रुपये लेकर साहिबाबाद स्थित चौकी पहुंचा। जैसे ही दारोगा ने रुपये लेकर मेज की दराज में रखे, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।कार्रवाई के बाद आरोपी दारोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इससे पहले भी वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल रही हैं।

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