झारखंड: स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी प्रतिनियुक्ति/पदस्थापन पर लगी रोक, सभी सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश जारी, देखें आदेश
Jharkhand: Arbitrary deputation of health workers banned, strict instructions issued to all civil surgeons

रांची/17.2.26: झारखंड सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत कर्मियों की बिना अनुमति प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर सख्त रुख अपनाया है। झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति के अभियान निदेशक ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना मुख्यालय की अनुमति के किसी भी NHM कर्मी को उनके मूल पदस्थापित जगह से हटाया न जाए।
क्या है पूरा मामला?
स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में यह बात आई थी कि कई जिलों में सिविल सर्जन अपने स्तर से जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DPMU) और प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (BPMU) के कर्मियों को उनके मूल कार्यस्थल से हटाकर अन्यत्र प्रतिनियुक्त कर रहे थे। विभाग ने इसे नियम विरुद्ध माना है।
तत्काल प्रभाव से रद्द होंगी पुरानी प्रतिनियुक्तियां
जारी पत्र (ज्ञापांक 1575) के अनुसार, अभियान निदेशक ने आदेश दिया है कि ऐसी सभी प्रतिनियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। इसका मतलब है कि जो भी कर्मी बिना राज्य मुख्यालय की अनुमति के दूसरी जगह काम कर रहे हैं, उन्हें वापस अपनी मूल जगह पर लौटना होगा।
भविष्य के लिए गाइडलाइन
विभाग ने साफ किया है कि यदि कार्यहित में किसी कर्मी की प्रतिनियुक्ति अत्यंत आवश्यक हो, तो इसके लिए पहले राज्य मुख्यालय से लिखित अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही किसी कर्मी को इधर-उधर भेजा सकेगा।
यहां देखें आदेश…










