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झारखंड में ग़ज़ब मामला: 20 साल पहले 500 रुपये ली थी घूस, अब 75 साल की उम्र में कोर्ट ने सुनायी सजा, जेल के साथ जुर्माना भी लगा…

Jharkhand Corruption Case: 500 रुपये रिश्वत लेने के मामले में पूर्व पंचायत सेवक को एक साल की सजा,रिश्वतखोरी मामला, पंचायत सेवक सजा, गुमला भ्रष्टाचार मामला, ACB Court Ranchi, Bribery Case Jharkhand

रांची। भ्रष्टाचार के मामले में ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।  भ्रष्टाचार के दो दशक पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने गुमला जिले के सिसई प्रखंड के तत्कालीन पंचायत सेवक सत्यनारायण राम (75 वर्ष) को रिश्वत लेने का दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उसे आठ महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इंदिरा आवास योजना की रिपोर्ट भेजने के बदले मांगी थी रिश्वत

इस मामले में अभियोजन पक्ष ने बताया कि, वर्ष 2006 में सिसई प्रखंड में पंचायत सेवक के पद पर कार्यरत सत्यनारायण राम ने इंदिरा आवास योजना से संबंधित रिपोर्ट भेजने के एवज में आवेदक नसीम खान से 500 रुपये रिश्वत की मांग की थी।शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना निगरानी ब्यूरो (वर्तमान एसीबी) को दी थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

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500 रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ था आरोपी

निगरानी ब्यूरो ने योजना बनाकर 7 अप्रैल 2006 को जाल बिछाया और आरोपी पंचायत सेवक को 500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

14 गवाहों की गवाही बनी अहम सबूत

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक आलोक कुमार ने अदालत में कुल 14 गवाहों को प्रस्तुत किया।अदालत ने शिकायतकर्ता, सत्यापन पदाधिकारी, विशेष दंडाधिकारी और ट्रैप टीम के सदस्यों की गवाही के साथ बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों को विश्वसनीय माना।

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पहले ही काट चुका है 5 माह 20 दिन की जेल

विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष रिश्वत की मांग, रिश्वत स्वीकार करने और रिश्वत की राशि की बरामदगी को साबित करने में सफल रहा है। इसी आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई।अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अभियुक्त पूर्व में इस मामले में 5 माह 20 दिन की न्यायिक हिरासत में रह चुका है। सजा निर्धारण के दौरान इस अवधि को भी ध्यान में रखा जाएगा।

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अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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