देवघर श्रावणी मेला में इस बार व्यवस्था रहेगी टाइट, VIP दर्शन पर रहेगी रोक, AI तकनीक से रहेगी श्रद्धालुओं पर नजर
This time, the arrangements at the Deoghar Shravani Mela will be tight, VIP darshan will be prohibited, and devotees will be monitored using AI technology.

देवघर में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। VIP दर्शन पर रोक, AI तकनीक का उपयोग और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
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देवघर। देवघर में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। रविवार को देवघर के सर्किट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मेला प्रबंधन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार के पर्यटन सह नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने की।
बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट कहा कि 31 जुलाई से शुरू होने वाले इस भव्य मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सकारात्मक अनुभव मिलना चाहिए।
इस बार मेले को लेकर सबसे बड़ा फैसला VIP और VVIP दर्शन को पूरी तरह बंद करने का लिया गया है। मंत्री ने कहा कि आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के सहज और समान अवसर मिल सके। यह निर्णय श्रद्धालुओं के बीच समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मेला क्षेत्र को इस बार हाईटेक बनाने की भी तैयारी है। प्रशासन को फेस रिकग्निशन तकनीक, AI आधारित कंट्रोल रूम, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल हेल्पलाइन और QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं भी मिलेंगी।
बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। पेयजल, शौचालय, स्नानगृह, स्वास्थ्य केंद्र, मातृत्व केंद्र, साफ-सफाई और बिजली आपूर्ति को 24 घंटे सुचारू रखने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही सूचना सहायता केंद्रों को भी सक्रिय और उपयोगी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के तहत दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया कांवरिया पथ के बीच बिजली के पोल को मेले से पहले हटाने का आदेश दिया गया है।
वहीं देवघर से बासुकीनाथ तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को भी मेला शुरू होने से पहले पूरा करने पर जोर दिया गया है।सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की जा रही है। भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अस्थायी ढांचे की जगह स्थायी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
मंत्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओवरलोडेड ट्रैक्टर-ट्रॉली के उपयोग को खतरनाक बताते हुए इसके खिलाफ सख्त निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं को बस और ट्रेन जैसे सुरक्षित साधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।







